नीट विवाद पर संसद में हो सीधी चर्चा, इससे पहले तुरंत इस्तीफा दें शिक्षा मंत्री: अवधेश प्रसाद

नीट विवाद पर संसद में हो सीधी चर्चा, इससे पहले तुरंत इस्तीफा दें शिक्षा मंत्री: अवधेश प्रसाद

नई दिल्ली, 22 जुलाई (आईएएनएस)। नीट परीक्षा से जुड़े विवाद को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए संसद में चर्चा की मांग की है। समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि नीट समेत कई मुद्दों पर सदन में गंभीर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि चर्चा शुरू होने से पहले शिक्षा मंत्री को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।

समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि विपक्ष हमेशा से चाहता रहा है कि महत्वपूर्ण मुद्दों पर संसद में बातचीत हो। लोकसभा के मौजूदा सत्र के दौरान नीट विवाद पर चर्चा कराई जानी चाहिए और सरकार को छात्रों से जुड़े सवालों का जवाब देना चाहिए।

प्रधानमंत्री आवास के बाहर विपक्ष के विरोध प्रदर्शन को लेकर सपा सांसद ने सरकार पर कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि नीट का मामला, राम मंदिर में चढ़ावे और दान से जुड़े आरोप, तथा रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी के खिलाफ कार्रवाई जैसे मुद्दे केवल राजनीतिक नहीं हैं, बल्कि इनमें अन्याय और दमन के सवाल जुड़े हुए हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार लोकतांत्रिक तरीके से काम नहीं कर रही है और विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। अवधेश प्रसाद ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करने आए छात्रों और युवाओं के साथ कथित तौर पर बल प्रयोग किया गया, जो स्वीकार्य नहीं है। किसी भी देश की सबसे बड़ी संपत्ति उसके युवा होते हैं और युवाओं के साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाना चाहिए।

सपा सांसद ने कांग्रेस और विपक्षी दलों के प्रदर्शनों का समर्थन करते हुए कहा कि सरकार संसद की कार्यवाही नहीं चलने दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को भी प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया और सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है।

वहीं, समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने भी केंद्र सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में चार शिक्षा मंत्री बदले जा चुके हैं, जिससे सरकार की शिक्षा नीति और प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि अब देश के युवाओं को जवाब देने का समय आ गया है और सरकार इस मुद्दे से बच नहीं सकती।

--आईएएनएस

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