नीट पेपर लीक मामले में 'फास्ट-ट्रैकिंग' न्याय, चार राज्यों में स्थापित की जाएंगी अदालतें

नीट पेपर लीक मामले में 'फास्ट-ट्रैकिंग' न्याय, चार राज्यों में स्थापित की जाएंगी अदालतें

नई दिल्ली, 23 जुलाई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद सरकार ने पेपर लीक में शामिल लोगों को जल्द न्याय दिलाने और कड़ी सजा देने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

नीट पेपर लीक मामले में आरोपियों पर नए 'एंटी-चीटिंग' कानून के तहत कार्रवाई होगी और उन पर 'पब्लिक एग्जामिनेशन एक्ट, 2024 के तहत मुकदमा चलाया जाएगा। विश्वसनीय सूत्रों ने बताया कि केंद्र सरकार चार राज्यों में फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की प्रक्रिया में है।

उन्होंने बताया कि इस कानून के तहत दोषी पाए जाने और सजा होने पर पांच साल की जेल और 10 लाख रुपए का जुर्माना हो सकता है। अभी हाईकोर्ट में लगभग चार मामले लंबित हैं और अब इन सभी मामलों की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में होगी।

सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार संबंधित राज्यों और हाईकोर्ट से इन मामलों के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का औपचारिक अनुरोध करने वाली है, ताकि रोजाना सुनवाई हो सके और मामलों का जल्द निपटारा हो सके।

चूंकि नीट (नेशनल एलिजिबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट) एक ऐसी परीक्षा है जिसे एनटीए आयोजित करती है। इसलिए इससे जुड़े पेपर लीक और अनुचित साधनों के मामले इस कानून के दायरे में आएंगे।

सूत्रों ने बताया कि नीट लीक के संबंध में अब तक इस कानून के तहत चार एफआईआर दर्ज की गई हैं। इन मामलों की सुनवाई के लिए बॉम्बे, कलकत्ता, दिल्ली और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के अधिकार क्षेत्र में प्राथमिकता के आधार पर चार फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाए जा रहे हैं। इनमें से दो मामले बॉम्बे हाईकोर्ट के अधिकार क्षेत्र में आते हैं।

सूत्रों के मुताबिक, नए कानून में यूपीएससी, एसएससी, आरआरबी, आईबीपीएस केंद्र सरकार के मंत्रालयों और विभागों के लिए भर्ती परीक्षाओं के साथ-साथ एनटीए द्वारा आयोजित सभी प्रवेश और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े अन्य पेपर लीक के मामले भी शामिल होंगे।

इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर देश के युवाओं के प्रति सरकार की गहरी चिंता व्यक्त की और कहा कि दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे।

पीएम मोदी ने पोस्ट में कहा, "हमारे युवाओं के कल्याण और भविष्य से ज्यादा महत्वपूर्ण कुछ भी नहीं है। जो लोग हमारे युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।"

--आईएएनएस

डीकेएम/पीएम