कोहिमा, 19 जुलाई (आईएएनएस)। नागालैंड के मोन जिले में रविवार को हुए भीषण भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई। डिफेंस कॉलोनी में हुए इस हादसे में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक बच्चे के मलबे में फंसे होने की आशंका है। कई घर भूस्खलन की चपेट में आ गए हैं और बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
रक्षा प्रवक्ता के अनुसार, डिफेंस कॉलोनी के करीब 15 घर भूस्खलन से गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं। हादसे के बाद असम राइफल्स, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), नागालैंड पुलिस, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), सेना, जिला प्रशासन और स्थानीय स्वयंसेवकों की टीमें संयुक्त रूप से राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अब तक एक शव बरामद किया गया है। लगातार खराब मौसम और खतरनाक परिस्थितियों के बावजूद मलबे में फंसे लोगों की तलाश जारी है। एक बच्चे के मलबे में दबे होने की आशंका है, जबकि अधिकारियों को डर है कि और भी लोग भूस्खलन की चपेट में आ सकते हैं। हालांकि, अभी तक हताहतों की सही संख्या स्पष्ट नहीं हो सकी है।
अधिकारियों के मुताबिक, भूस्खलन बेहद व्यापक था, जिससे इलाके में भारी तबाही हुई और कई रिहायशी मकान पूरी तरह बह गए। घटनास्थल पर कीचड़ और मलबे का बड़ा ढेर जमा हो गया है। प्रभावित क्षेत्र में लगातार पानी का बहाव होने से राहत एवं बचाव कार्य में गंभीर बाधा आ रही है और बचावकर्मियों के लिए जोखिम भी बढ़ गया है।
पहाड़ी इलाका और अस्थिर जमीन भी राहत कार्य को मुश्किल बना रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि मौसम में सुधार और क्षेत्र सुरक्षित घोषित होने के बाद ही नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा सकेगा।
बचाव दल मलबे में फंसे बच्चे और अन्य संभावित लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए चौबीसों घंटे अभियान चला रहे हैं। जहां संभव हो, वहां भारी मशीनों और विशेष बचाव उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन लगातार बारिश और जलभराव के कारण अभियान प्रभावित हो रहा है।
प्रशासन ने लोगों से भूस्खलन संभावित ढलानों और संवेदनशील क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि लगातार हो रही बारिश के कारण क्षेत्र में और भूस्खलन हो सकते हैं, जिससे जान-माल का खतरा बना हुआ है।
इस बीच, नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और राहत एवं बचाव कार्य के लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि प्रभावित परिवारों को तत्काल अनुग्रह राशि और राहत सहायता दी जाएगी।
अधिकारियों ने कहा कि जब तक सभी लापता लोगों का पता नहीं चल जाता, तब तक राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी रहेगा।
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