Nand Kishore Yadav Speech : नागालैंड के राज्यपाल ने युवाओं से नवाचार और कड़ी मेहनत अपनाने का आह्वान किया

कोहिमा में राज्यपाल का संदेश- पुरानी धारणाएं बदलें, पर्यटन और उद्यमिता को बढ़ावा दें
नागालैंड के राज्यपाल ने युवाओं से नवाचार और कड़ी मेहनत अपनाने का आह्वान किया

कोहिमा: नागालैंड के राज्यपाल नंद किशोर यादव ने शनिवार को कहा कि राज्य में पर्यटन जैसे क्षेत्रों में अपार संभावनाएं हैं, लेकिन इसके लिए नागालैंड को लेकर बनी पुरानी धारणाओं को बदलने की जरूरत है।

एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, दीमापुर के ईडन हायर सेकेंडरी स्कूल के छात्रों ने शनिवार को शैक्षणिक भ्रमण के तहत कोहिमा स्थित लोक भवन का दौरा किया। इस दौरान छात्रों के साथ संवाद सत्र में राज्यपाल ने कहा कि ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए नागालैंड को भी देश के साथ कदम मिलाकर आगे बढ़ना होगा।

उन्होंने छात्रों और युवाओं को कड़ी मेहनत करने, लगन से पढ़ाई करने और आत्मविश्वास विकसित करने के लिए प्रेरित किया। राज्यपाल ने कहा कि जीवन में सफलता पाने के लिए मेहनत का कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी नौकरी ही युवाओं का एकमात्र लक्ष्य नहीं होना चाहिए, बल्कि उन्हें नवाचार, उद्यमिता और रचनात्मक क्षेत्रों में भी अवसर तलाशने चाहिए।

राज्यपाल ने महिलाओं की क्षमता पर जोर देते हुए कहा कि वे पुरुषों के समान ही सक्षम हैं और सभी को राज्य के विकास में सक्रिय योगदान देना चाहिए। उन्होंने तकनीक के सही उपयोग को भी महत्वपूर्ण बताते हुए इसके सकारात्मक पहलुओं पर ध्यान देने की सलाह दी।

अपने सार्वजनिक जीवन के अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि वे जयप्रकाश नारायण से प्रेरित होकर छात्र आंदोलन से जुड़े और बाद में सार्वजनिक जीवन में आए। उन्होंने कहा कि समाज सेवा की प्रेरणा भीतर से आनी चाहिए और समाज से मिले अवसरों का प्रतिदान करना भी जरूरी है।

राज्यपाल ने युवाओं को अपने लक्ष्यों पर केंद्रित रहने, बड़े सपने देखने और उन्हें हासिल करने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी। उन्होंने अपने छात्र जीवन को याद करते हुए कहा कि उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति के दम पर चुनौतियों को पार किया। यह दौरा छात्रों के लिए एक प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक अनुभव साबित हुआ।

एक अन्य कार्यक्रम में राज्यपाल ने कोहिमा स्थित कोहिमा का कैथेड्रल का भी दौरा किया, जो राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है और आध्यात्मिक आस्था तथा सामुदायिक एकता का प्रतीक माना जाता है।

इस दौरान उन्होंने समाज में शांति, करुणा, शिक्षा और सेवा के मूल्यों को बढ़ावा देने में चर्च की भूमिका की सराहना की। अपनी विशिष्ट वास्तुकला और शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध यह कैथेड्रल नागालैंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आस्था का प्रतीक है।

--आईएएनएस

 

 

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