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मुरैना के बंद कैलारस शक्कर कारखाने को शुरू करने के लिए सरकार ने जारी किया ईओआई, 30 साल की लीज पर मिलेगा प्लांट

मुरैना

मुरैना, 21 अगस्त (आईएएनएस)। मुरैना जिले के बंद पड़े कैलारस शक्कर कारखाने को फिर से शुरू करने की दिशा में मध्य प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। एमएसएमई एवं उद्योग विभाग ने कारखाने के अधिग्रहण, पुनरुद्धार, आधुनिकीकरण और संचालन के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) जारी किया है।

जारी सूचना के अनुसार, कैलारस शुगर मिल को उसकी वर्तमान क्षमता 1250 टीसीडी (टन गन्ना प्रतिदिन) के आधार पर लीज पर संचालित करने के लिए इच्छुक कंपनियों और संस्थाओं से प्रस्ताव मांगे गए हैं। कारखाने की इमारत, प्लांट-मशीनरी, गोदाम, कार्यशालाएं और करीब 12.86 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित परिसंपत्तियों में शामिल हैं।

सरकार ने इस मिल को 30 वर्ष की लीज पर देने का प्रस्ताव रखा है, जिसे संतोषजनक प्रदर्शन के आधार पर आगे बढ़ाया जा सकेगा। विभाग ने इच्छुक कंपनियों के लिए 31 अगस्त और 1 सितंबर 2026 को साइट विजिट की सुविधा रखी है, ताकि वे मौके पर जाकर कारखाने की स्थिति, मशीनों और जमीन का आकलन कर सकें। इसके बाद 3 सितंबर को भोपाल में प्री-ईओआई बैठक आयोजित होगी, जिसमें कंपनियों के सवालों और शंकाओं का समाधान किया जाएगा।

ईओआई जमा करने की अंतिम तारीख 15 सितंबर 2026 को शाम 5 बजे तक निर्धारित की गई है और प्राप्त प्रस्तावों को 16 सितंबर 2026 को खोला जाएगा।

बता दें कि कैलारस शक्कर कारखाना लंबे समय से बंद पड़ा है, जिसके चलते क्षेत्र के गन्ना किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों को अपना गन्ना बेचने के लिए दूर-दराज के जिलों में जाना पड़ता है, जिससे लागत बढ़ती है। कारखाने के बंद होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी खत्म हो गए हैं।

कैलारस शक्कर कारखाने को दोबारा शुरू करने की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलन चल रहा है। स्थानीय किसान संगठन और राजनीतिक दल लगातार सरकार से कारखाने को पुनः शुरू करने की मांग कर रहे हैं। इस मांग को लेकर हाल ही में आमरण अनशन भी किया गया था।

ऐसे में ईओआई प्रक्रिया शुरू होने की खबर को क्षेत्र के किसानों और स्थानीय लोगों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है।

--आईएएनएस

एससीएच