मध्य प्रदेश सरकार ने बगलामुखी मंदिर में दान में अनियमितताओं की जांच के आदेश दिए

मध्य प्रदेश सरकार ने बगलामुखी मंदिर में दान में अनियमितताओं की जांच के आदेश दिए

भोपाल, 8 जुलाई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश सरकार ने नलखेड़ा स्थित प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर में कथित वित्तीय अनियमितताओं और श्रद्धालुओं से चंदे की अनाधिकृत वसूली की जांच के आदेश दिए हैं। इसको लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक विवाद बढ़ गया है।

आगर-मालवा कलेक्टर ने मंगलवार को एक आदेश जारी कर तीन सदस्यों वाली जांच समिति बनाई। शिकायतें मिलीं थीं कि एक गैर-सरकारी समिति, आधिकारिक तौर पर मान्यता प्राप्त मंदिर प्रबंधन समिति से अलग चंदा इकट्ठा कर रही थी। जिसके बाद जांच समिति गठित की गई है।

शिकायतों में आरोप लगाया गया था कि भक्तों की ओर से दान किए गए नकद, सोना, चांदी, गहने और अन्य कीमती सामान एक समानांतर व्यवस्था के जरिए इकट्ठा किए जा रहे थे और निजी बैंक खातों में जमा किए जा रहे थे।

कलेक्टर ने आदेश में कहा, "गैर-सरकारी समिति के जरिए चंदा इकट्ठा करने, निजी बैंक खातों के इस्तेमाल और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। इसलिए, निष्पक्ष और विस्तृत जांच जरूरी है।"

समिति की अध्यक्षता आगर-मालवा जिला पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वी.एस. चौबे करेंगे। जिला कोषागार अधिकारी मनीष चौबे और नलखेड़ा की मुख्य नगरपालिका अधिकारी मिनी अग्रवाल इसके अन्य सदस्य हैं।

समिति को मंदिर परिसर का निरीक्षण करने, रिकॉर्ड और बैंक खातों की जांच करने, नकद और कीमती सामान के रूप में मिले दान का सत्यापन करने और यह पता लगाने का निर्देश दिया गया है कि क्या चंदा इकट्ठा करने के लिए कोई समानांतर व्यवस्था चल रही थी।

समिति से कथित अनियमितताओं में सरकारी अधिकारियों, मंदिर प्रबंधन के प्रतिनिधियों या किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका की जांच करने के लिए भी कहा गया है। पैनल को सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।

अब यह मामला राजनीतिक रंग भी ले चुका है। विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और महाकाल मंदिर से जुड़ी जमीन पर कथित कब्जे के विवादों के बाद, अब मां बगलामुखी मंदिर में भी इसी तरह के आरोप सामने आए हैं।

उन्होंने पारदर्शी जांच की मांग की और कहा कि भाजपा सरकार को भक्तों के दान का उचित हिसाब-किताब सुनिश्चित करना चाहिए और दोषियों खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

मध्य प्रदेश के धार्मिक न्यास और धर्मस्व मंत्री धर्मेंद्र लोधी ने बुधवार को आईएएनएस को बताया कि नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी मंदिर में कथित अनियमितताएं उन लोगों ने की थीं जो मंदिर प्रबंधन समिति का हिस्सा नहीं थे।

मंत्री लोधी ने आईएएनएस से ​​कहा, "मंदिर समिति के बाहर के लोगों ने ये अनियमितताएं कीं। राज्य सरकार दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को नहीं बख्शेगी। जांच चल रही है और जिम्मेदार सभी लोगों के खिलाफ जल्द से जल्द सख्त कार्रवाई की जाएगी।"

बता दें कि आगर-मालवा जिले में स्थित मां बगलामुखी मंदिर, हिंदू परंपरा की दस महाविद्याओं में से एक देवी बगलामुखी को समर्पित देश के सबसे प्रमुख मंदिरों में से एक है।

--आईएएनएस

एसडी/पीएम