भोपाल, 1 जुलाई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश की कांग्रेस इकाई न्यूज चैनल से नाराज है और उसने फैसला लिया है कि उसके प्रवक्ता तीन दिन तक किसी भी न्यूज चैनल की डिबेट में हिस्सा नहीं लेंगे। कुल मिलाकर कांग्रेस का यह मौन सत्याग्रह होगा। वहीं, दूसरी ओर पार्टी ने पत्रकार वार्ताओं का आयोजन किया है, जिसे नेता संबोधित करेंगे।
कांग्रेस संगठन के प्रभारी महासचिव संजय कामले ने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा कि भूमि घोटाला प्रकरण को लेकर प्रदेशभर में व्यापक जनचर्चा है। बड़ी संख्या में नागरिकों ने सोशल मीडिया पर तथ्य, दस्तावेज और सवाल उठाए हैं। इसके बावजूद अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रदेश के अधिकांश इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ने जनभावनाओं के अनुरूप इस गंभीर विषय को न तो प्रसारित किया और न ही इस पर सार्थक टीवी बहस आयोजित की।
कांग्रेस का मानना है कि जनता का ध्यान अन्य मुद्दों की ओर मोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे प्रदेश की जनता तक महत्वपूर्ण जानकारियां प्रभावी रूप से नहीं पहुंच पा रही हैं। इसी के विरोध में तथा लोकतांत्रिक तरीके से अपनी असहमति दर्ज कराने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने निर्णय लिया है कि आगामी तीन दिनों तक 'मौन सत्याग्रह' किया जाएगा।
संगठन महासचिव ने कहा कि इस अवधि में अधिकृत पत्रकार वार्ताओं को छोड़कर, मध्य प्रदेश कांग्रेस का कोई भी अधिकृत नेता, प्रवक्ता अथवा प्रतिनिधि किसी भी टीवी डिबेट में भाग नहीं लेगा, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को कोई व्यक्तिगत आधिकारिक वक्तव्य नहीं देगा तथा किसी भी टेलीविजन बहस में शामिल नहीं होगा। एक तरफ जहां पार्टी ने टीवी डिबेट का बहिष्कार किया है, वहीं दूसरी ओर नीट एवं सीबीएसई परीक्षा में हुई अनियमितताएं एवं पेपर लीक, किसानों की समस्याएं, अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में प्राप्त चढ़ावे में कथित अनियमितताएं, उज्जैन महाकाल लोक निर्माण कार्यों में कथित भ्रष्टाचार, भूमि घोटाला प्रकरण सहित अन्य जनसरोकार के विषयों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
इसके लिए प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संभागीय मुख्यालयों पर निर्धारित तिथियों के अनुसार पत्रकार वार्ताओं को संबोधित करेंगे। इसके अतिरिक्त तीन जुलाई को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं जिला प्रभारी की संयुक्त उपस्थिति में पत्रकार वार्ता को संबोधित करेंगे।