कोलकाता/इंफाल, 21 अगस्त (आईएएनएस)। सेना की ईस्टर्न कमांड के स्पीयर कॉर्प्स के तहत असम राइफल्स ने शुक्रवार को मणिपुर में भारी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त किए। इस मामले में छह लोगों को पकड़ा गया।
सूत्रों के मुताबिक, यह रेड मणिपुर पुलिस और दूसरी एजेंसियों की मदद से की गई।
कॉर्प्स ने एक्स पर पोस्ट किया, "नशीले पदार्थों के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करते हुए, स्पीयर कॉर्प्स के तहत असम राइफल्स ने राज्य पुलिस के साथ मिलकर एक जॉइंट ऑपरेशन में मणिपुर के जिरीबाम में नशीले पदार्थों से भरी एक नाव को रोका। तेजी से पीछा करने के बाद छह लोगों को पकड़ा गया और उनसे लगभग 27 करोड़ रुपए की कीमत वाली 90,000 याबा टैबलेट और 28.80 लाख रुपए की कीमत वाली 48 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। यह सफल ऑपरेशन नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले नेटवर्क के लिए एक बड़ा झटका है और एक सुरक्षित और ड्रग-फ्री क्षेत्र के लिए सुरक्षा बलों की प्रतिबद्धता को फिर से साबित करता है।"
याबा का फैलना देश में एक बड़ी समस्या बन गया है। यह ड्रग, जिसका नाम थाई भाषा में 'क्रेजी मेडिसिन' से आया है, मेथामफेटामाइन, एक शक्तिशाली और लत लगाने वाला स्टिमुलेंट, और कैफीन का मिश्रण है।
एक अधिकारी ने कहा, "ये ड्रग्स खुली सीमाओं से अंदर आते हैं और न केवल पूर्वोत्तर राज्यों में नशे के आदी लोगों द्वारा इस्तेमाल किए जाते हैं, बल्कि पूरे देश में फैल जाते हैं। पश्चिम बंगाल में उन तस्करों से याबा टैबलेट जब्त की गई हैं जो उन्हें सीमा पार बांग्लादेश भेजने की योजना बना रहे थे।"
भारत में सुरक्षा एजेंसियों ने नशीले पदार्थों की तस्करी और आतंकवाद के बीच एक खास कनेक्शन का पता लगाया है। अधिकारी ने कहा, "याबा, जिसे युवा 'पार्टी ड्रग' के तौर पर इस्तेमाल करते हैं, जानलेवा हो सकता है। यह दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर बढ़ा सकता है, दिमाग की छोटी रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है और स्ट्रोक का कारण बन सकता है। ओवरडोज से हाइपरथर्मिया, दौरे पड़ना और मौत हो सकती है। याबा का इस्तेमाल करने वाले लोगों में हिंसक व्यवहार, पैरानोइया (अत्यधिक संदेह), एंग्जायटी (बेचैनी), कन्फ्यूजन और अनिद्रा की समस्या भी हो सकती है। यह जब्ती सरकार के 'नशा मुक्त भारत' प्लान में एक बड़ी सफलता थी।"
--आईएएनएस
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