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मणिपुर सीएम ने 15 दिन में अवैध हथियार जमा करने की अपील की, नहीं मानने पर होगी कार्रवाई

मणिपुर

इंफाल, 12 अगस्त (आईएएनएस)। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने बुधवार को पहाड़ी और घाटी दोनों क्षेत्रों के लोगों से अपील की कि जिनके पास अवैध हथियार हैं, वे उन्हें 15 दिनों के भीतर जमा कर दें, अन्यथा उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

इंफाल स्थित प्रथम बटालियन मणिपुर राइफल्स परेड ग्राउंड में बरामद हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटकों के प्रदर्शन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अवैध हथियार रखने वाले लोग इन्हें अपने-अपने विधायक या जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) के माध्यम से जमा कर सकते हैं।

बरामद हथियारों, गोला-बारूद और विस्फोटकों का यह प्रदर्शन राज्य में सामान्य स्थिति बहाल करने तथा शांति और सुरक्षा को मजबूत करने के सरकारी प्रयासों का हिस्सा था।

खेमचंद सिंह ने कहा कि 15 दिन की निर्धारित अवधि के भीतर अवैध हथियार जमा नहीं करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि 3 मई 2023 को मणिपुर में जातीय हिंसा शुरू होने के बाद राज्य के विकास पर बुरा असर पड़ा है।

उन्होंने समाज के सभी वर्गों से शांति बहाली और सामान्य स्थिति कायम करने के लिए सरकार और सुरक्षा एजेंसियों का सहयोग करने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 4 फरवरी 2026 को नई सरकार के गठन के बाद राज्य के विभिन्न जिलों में स्थायी शांति स्थापित करने के लिए कई शांति पहल शुरू की गईं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति शासन के दौरान राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को स्थिर किया गया।

मणिपुर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मुकेश सिंह ने हाल ही में बताया था कि जातीय हिंसा के दौरान लूटे गए लगभग 70 प्रतिशत हथियार अब तक बरामद किए जा चुके हैं, जबकि बाकी हथियारों और गोला-बारूद की बरामदगी के प्रयास तेज किए जा रहे हैं।

सरकारी रिपोर्टों के अनुसार, 3 मई 2023 को शुरू हुई जातीय हिंसा के दौरान पुलिस थानों, पुलिस चौकियों और सुरक्षा बलों के शस्त्रागारों से 6,000 से अधिक अत्याधुनिक हथियार और लाखों कारतूस भीड़, हथियारबंद हमलावरों और उग्रवादियों द्वारा लूट लिए गए थे।

लूटे गए और अवैध रूप से रखे गए हथियारों को वापस लेने का अभियान 31 मई 2023 को शुरू हुआ था, जब तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने लोगों से हथियार जमा करने की अपील की थी।

इसके बाद मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला की नई अपील के बाद अवैध हथियारों और गोला-बारूद को स्वेच्छा से जमा कराने का अभियान और तेज हो गया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि जिरीबाम जिले के दौरे में उन्होंने वहां रहने वाले हमार, पाइते, मैतेई और मैतेई पंगल समुदायों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी। उन्होंने बताया कि सभी ने साथ बैठकर भोजन किया, जिससे आपसी विश्वास बढ़ा और शांति के लिए मिलकर काम करने पर सहमति बनी।

खेमचंद सिंह ने कहा कि सरकार लगातार शांति स्थापित करने के लिए प्रयास कर रही है और उन इलाकों का भी दौरा कर रही है, जहां संकट के कारण पहले जाना संभव नहीं था।

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में प्रदर्शित हथियार और गोला-बारूद 5 फरवरी 2026 से अब तक सुरक्षा बलों द्वारा बरामद किए गए हैं। इस दौरान 1,422 से अधिक हथियार बरामद किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने डीजीपी मुकेश सिंह, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के महानिरीक्षक, असम राइफल्स (दक्षिण) के महानिरीक्षक और सीआरपीएफ के महानिरीक्षक के नेतृत्व वाली टीमों की सराहना की, जिन्होंने कम समय में बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किए।

गृह मंत्री कोंथौजाम गोविंदास सिंह ने अपने संबोधन में चेतावनी दी कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर जबरन वसूली, धमकी देने और परिवहनकर्ताओं को परेशान करने वाले किसी भी संगठन या व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि सरकार राष्ट्रीय राजमार्गों पर सक्रिय उगाही करने वालों और उपद्रवियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत मामला दर्ज करने की योजना बना रही है।

डीजीपी मुकेश सिंह ने बताया कि फरवरी से अगस्त 2026 के बीच मणिपुर पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, सेना, असम राइफल्स और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के संयुक्त अभियान में 1,422 हथियार, 7,000 से अधिक कारतूस और 1,137 विस्फोटक बरामद किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि विभिन्न संगठनों के 491 उग्रवादियों को भी गिरफ्तार किया गया है। युवाओं को नशे के खतरे से बचाने के लिए मणिपुर पुलिस ने राज्य में मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान को और मजबूत किया है।

कार्यक्रम के दौरान सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित 'मणिपुर मार्चेस टू पीस' नामक पुस्तक सभी उपस्थित लोगों को वितरित की गई। साथ ही सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर एक लघु फिल्म भी दिखाई गई।

इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री लोसी डिखो, कला एवं संस्कृति मंत्री खुरैजम लोकेन सिंह, विधायक, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस अधिकारी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी