नई दिल्ली, 23 जुलाई (आईएएनएस)। जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के दौरान दिल्ली पुलिस के जवानों पर लगातार हमले हो रहे हैं। इसे देखते हुए पुलिस बल ने गुरुवार को ड्यूटी कर रहे अधिकारियों पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वर्दी पहनने वाले भी दर्द महसूस करते हैं और उनके भी परिवार होते हैं तथा वर्दी के अलावा भी उनकी कई जिम्मेदारियां होती हैं।
दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर हंगामे का एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच हाथापाई के दृश्य दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में घायल इंस्पेक्टर नंद किशोर सिंह भी दिखाई दे रहे हैं।
दिल्ली पुलिस ने पोस्ट में कहा, "हर बैज के पीछे एक धड़कता दिल, एक परिवार और सेवा करने का वादा होता है। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर हमला होते देखना बहुत परेशान करने वाला है। असहमति को आवाज दी जा सकती है। हिंसा के लिए कभी कोई जगह नहीं होनी चाहिए।"
हिंसा के दौरान घायल हुए इंस्पेक्टर नंद किशोर सिंह ने घटनाक्रम के बारे में बताया और आरोप लगाया कि प्रदर्शन स्थल पर अपनी आधिकारिक ड्यूटी करते समय उन पर हमला किया गया।
उन्होंने कहा, "मैं जंतर-मंतर पर ड्यूटी पर था। उन सभी के हाथों में लाठियां और पत्थर थे। जब उन्होंने मुझे देखा, तो वे चिल्लाए 'मारो पुलिस वालों को'। उन्होंने मुझे पीटना शुरू कर दिया। उन्होंने मुझे लूटा भी और मेरी सोने की चेन और वॉलेट ले गए, जिसमें मेरे आईडी कार्ड थे।"
आईएएनएस से बात करते हुए अधिकारी ने बताया कि हमलावरों ने पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया और हमले से पहले उन्हें एक बड़े समूह ने घेर लिया था।
उन्होंने कहा, "उन्होंने पहले हम पर हमला किया। मैंने बचने की कोशिश की, लेकिन लगभग 150-200 लोगों ने मुझे घेर लिया और मुझ पर हमला किया। मेरे सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं।"
घटना को याद करते हुए सिंह ने कहा कि जब कथित हमला हुआ तो वह वर्दी में थे और आधिकारिक ड्यूटी पर थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि हमला पहले से नियोजित लग रहा था।
उन्होंने कहा, "मैं अपनी वर्दी में था, क्योंकि मैं ड्यूटी पर था। यह निश्चित रूप से नियोजित था क्योंकि उनके हाथों में लाठियां और पत्थर थे। उन्होंने योजना बनाई थी कि जब भी वे किसी अधिकारी को देखेंगे, तो उस पर हमला करना शुरू कर देंगे।"
घायल अधिकारी ने आगे आरोप लगाया कि हमले में शामिल लोग छात्र नहीं थे, बल्कि अन्य व्यक्ति थे जिन्होंने जानबूझकर पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया था।
सिंह ने कहा, "वे छात्र नहीं थे, क्योंकि छात्र इस तरह का व्यवहार नहीं करते हैं। वे अन्य लोग थे जिन्होंने पुलिस पर हमला करने की योजना बनाई थी।"
नीट पेपर लीक मुद्दे को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन जारी हैं, जिसमें प्रदर्शनकारी परीक्षा में हुई अनियमितताओं को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।