आइजोल, 13 जून (आईएएनएस)। असम राइफल्स ने मिजोरम में विभिन्न सुरक्षा और जांच एजेंसियों के साथ संयुक्त अभियान चलाकर 11.25 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की विदेशी सिगरेट जब्त की है। इसके अलावा एक शक्तिशाली इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) बरामद किया गया और म्यांमार के एक संदिग्ध उग्रवादी सहित एक कथित तस्कर को गिरफ्तार किया गया।
रक्षा प्रवक्ता के अनुसार, आइजोल जिले के जेमाबॉक नॉर्थ इलाके में तस्करी कर लाई गई विदेशी सिगरेटों के भंडारण की खुफिया सूचना मिलने पर असम राइफल्स और राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने संयुक्त अभियान चलाया।
सूचना के अनुसार, भारत-म्यांमार सीमा से लगे चंपाई जिले के रास्ते लाई गई सिगरेटों की खेप को जेमाबॉक नॉर्थ स्थित एक किराए के मकान में रखा गया था। संयुक्त टीम ने इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया, जिसके दौरान एक बंद कमरे से भारी मात्रा में अवैध विदेशी सिगरेट बरामद की गई।
अभियान में कुल 467 कार्टन और दो ढीले कार्टन विदेशी सिगरेट जब्त किए गए, जिनमें तंबाकू उत्पादों की सात अलग-अलग किस्में शामिल थीं। कुल 46,88,400 सिगरेट बरामद हुईं, जिनकी अनुमानित बाजार कीमत 11,25,21,600 रुपये आंकी गई है।
कार्रवाई के दौरान सिगरेट तस्करी में कथित रूप से शामिल एक व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया। उसे बरामद सामान के साथ आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई के लिए डीआरआई के हवाले कर दिया गया।
एक अन्य संयुक्त अभियान में असम राइफल्स और मिजोरम पुलिस ने आइजोल जिले के सेलिंग क्षेत्र से एक शक्तिशाली आईईडी बरामद किया। इस दौरान सुरक्षा बलों ने येनिंग कु नामक म्यांमार के एक संदिग्ध उग्रवादी को गिरफ्तार किया, जो कथित रूप से विस्फोटक सामग्री की अवैध ढुलाई करने की कोशिश कर रहा था।
तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक एंटीना उपकरण और भूमिगत उग्रवादी संगठन की वर्दी से जुड़े कई सामान भी बरामद किए गए। गिरफ्तार उग्रवादी और बरामद आईईडी सहित अन्य सामान को आगे की जांच के लिए आइजोल पुलिस स्टेशन को सौंप दिया गया है।
अधिकारियों ने कहा कि ये सफल अभियान भारत-म्यांमार सीमा पर तस्करी, अवैध गतिविधियों और सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाले नेटवर्क के खिलाफ असम राइफल्स की सतर्कता और खुफिया आधारित कार्रवाई को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि बल पूर्वोत्तर के सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति, सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
उल्लेखनीय है कि म्यांमार का चिन राज्य लंबे समय से मादक पदार्थों, विस्फोटकों, दुर्लभ वन्यजीवों और अन्य प्रतिबंधित सामानों की तस्करी का प्रमुख मार्ग माना जाता है, जहां से मिजोरम के चंपाई, सियाहा, लॉन्गतलाई, हनाहथियाल, सैतुअल और सेरछिप जैसे सीमावर्ती जिलों के जरिए भारत में अवैध सामान पहुंचाया जाता है।
--आईएएनएस
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