Maharashtra Textile Industry : पश्चिम एशिया युद्ध का महाराष्ट्र के कपड़ा उद्योग पर पड़ रहा असर, सरकार दे विशेष राहत पैकेज: रईस शेख

Maharashtra के कपड़ा उद्योग संकट पर रईस शेख ने सरकार से तत्काल राहत पैकेज मांगा
पश्चिम एशिया युद्ध का महाराष्ट्र के कपड़ा उद्योग पर पड़ रहा असर, सरकार दे विशेष राहत पैकेज: रईस शेख

मुंबई: पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण महाराष्ट्र के कपड़ा उद्योग पर गहराते संकट को लेकर भिवंडी (पूर्व) से समाजवादी पार्टी के विधायक रईस शेख ने राज्य सरकार से तत्काल विशेष राहत पैकेज की घोषणा करने की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और कपड़ा मंत्री संजय सावकारे को पत्र लिखकर इस गंभीर स्थिति की ओर ध्यान देने की अपील की है।

विधायक रईस शेख ने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में चल रहे संघर्ष का सीधा असर भारत के कपड़ा निर्यात पर पड़ा है, जिससे उद्योग लगभग ठप हो गया है। उन्होंने बताया कि निर्यात बंद होने के साथ-साथ कपास और धागे जैसे कच्चे माल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है, जिसके चलते कई इकाइयों को सप्ताह में दो से तीन दिन तक उत्पादन बंद करना पड़ रहा है। इस स्थिति ने उद्योग की आर्थिक सेहत को बुरी तरह प्रभावित किया है।

उन्होंने अपने पत्र में राज्य कपड़ा निगम के सर्वेक्षण का हवाला देते हुए बताया कि केवल मार्च 2026 में ही महाराष्ट्र के कपड़ा उद्योग को लगभग 4,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। राज्य में करीब 9.48 लाख पावरलूम और 4,000 हैंडलूम संचालित हैं, जो देश के कुल पावरलूम का लगभग 39 प्रतिशत हिस्सा हैं। ऐसे में यह संकट न केवल उद्योग बल्कि लाखों श्रमिकों की आजीविका के लिए भी खतरा बन गया है।

रईस शेख ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते सरकार ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो बड़े पैमाने पर श्रमिकों का पलायन शुरू हो सकता है, जैसा कि कोविड-19 महामारी के दौरान देखा गया था।

उन्होंने कहा कि कृषि के बाद कपड़ा उद्योग राज्य में रोजगार का दूसरा सबसे बड़ा स्रोत है। इसके प्रभावित होने से व्यापक सामाजिक-आर्थिक संकट उत्पन्न हो सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि भिवंडी, मालेगांव और इचलकरंजी जैसे प्रमुख कपड़ा केंद्र इस संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। कच्चे माल की आपूर्ति श्रृंखला और निर्यात चैनल दोनों बाधित होने से उत्पादन लागत बढ़ी है और मांग में भारी गिरावट आई है। इसके साथ ही, पहले से ही ऊंची बिजली दरों से जूझ रहे उद्योग पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।

विधायक रईस ने सरकार से मांग की है कि उद्योग को राहत देने के लिए बिजली दरों में सब्सिडी, कर्ज में छूट और निर्यात प्रोत्साहन जैसी तत्काल नीतिगत घोषणाएं की जाएं ताकि इस महत्वपूर्ण क्षेत्र को ढहने से बचाया जा सके।

--आईएएनएस

 

 

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