मुंबई, 16 जुलाई (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को सभी सरकारी विभागों को 15 अगस्त तक पर्याप्त प्रगति करने, प्रत्येक सेवा की नए सिरे से समीक्षा करने और आवश्यक दस्तावेजों की संख्या में उल्लेखनीय कमी करने का निर्देश दिया।
उन्होंने सभी विभागों से समन्वय स्थापित करने का आह्वान किया ताकि महाराष्ट्र को 'सबसे सुलभ सरकारी सेवाओं वाले राज्य' के रूप में पहचान मिल सके।
उनके ये निर्देश ऐसे समय आए हैं जब महाराष्ट्र सरकार ने शासन प्रक्रिया पुनर्गठन (जीपीआर) पहल के तहत सरकारी सेवाओं को अधिक सुलभ, पारदर्शी और प्रौद्योगिकी-आधारित बनाने का प्रस्ताव रखा है और इन कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने जीपीआर के तीसरे चरण की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए ये बातें कहीं।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने इस बात पर प्रकाश डाला कि जीपीआर ढांचे के तहत प्रत्येक सेवा के लिए छह चरणों वाली प्रक्रिया स्थापित की गई है। इसमें जीपीआर रिपोर्ट तैयार करना, मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) से परामर्श, विभागीय स्वीकृति, महाआयटी के माध्यम से तकनीकी विकास, सरकारी संकल्प (जीआर) जारी करना और अंतिम परीक्षण शामिल हैं।
उन्होंने निर्देश दिया कि सभी विभागों को 15 अगस्त तक कम से कम पांचवें चरण तक पहुंचना होगा, जिसका अर्थ है आवश्यक जीआर जारी करना और सेवाओं को अंतिम परीक्षण के लिए तैयार रखना।
नागरिकों को त्वरित, पारदर्शी और परेशानी मुक्त सेवाएं प्रदान करने के लिए सरकार ने अपनी सार्वजनिक सेवाओं की व्यापक समीक्षा की है। समग्र वितरण प्रणाली को अनुकूलित करने के लिए डुप्लिकेट सेवाओं का विलय कर दिया गया है, जबकि पुरानी या अनावश्यक सेवाओं को बंद कर दिया गया है।
सभी सरकारी सेवाओं को चरणबद्ध तरीके से महाडीबीटी 2.0, मैत्री और आपले सरकार 2.0 जैसे मजबूत डिजिटल प्लेटफार्मों पर स्थानांतरित करने के प्रयास जारी हैं।
मुख्यमंत्री ने सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को सेवा वितरण के दौरान किसी भी तकनीकी गड़बड़ी को रोकने के लिए एक सुदृढ़ और निर्बाध तकनीकी अवसंरचना तैयार करने का निर्देश दिया और इस बात पर जोर दिया कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाने चाहिए।
इस अवसर पर, मुख्यमंत्री फडणवीस ने इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता विभाग की दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं - 'डेटा एनालिटिक्स एज ए सर्विस' और 'मिनी सेतु केंद्र' का शुभारंभ किया।
उद्घाटन के अवसर पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने शासन में प्रौद्योगिकी की परिवर्तनकारी शक्ति पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि डेटा एनालिटिक्स को एकीकृत करने से प्रशासन अत्यधिक जवाबदेह बनेगा, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा, राज्य के धन की बचत होगी और सार्वजनिक सेवा वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी।
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