पुणे, 5 सितंबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र में आयोजित होने वाली अलग-अलग प्रवेश परीक्षाओं के लिए सरकार द्वारा एक हाई-लेवल कमेटी बनाने पर राज्य विधानसभा के स्पीकर राहुल नार्वेकर और महाराष्ट्र विधान परिषद के डिप्टी चेयरमैन सचिन अहीर ने प्रतिक्रिया दी।
स्पीकर राहुल नार्वेकर ने शनिवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, "सरकार इस मामले में बहुत गंभीरता से काम कर रही है। मैं इसका स्वागत करता हूं। छात्रों और समाज के हित में किए गए किसी भी अच्छे काम का स्वागत किया जाना चाहिए।"
वहीं, इसे लेकर महाराष्ट्र विधान परिषद के डिप्टी चेयरमैन सचिन अहीर ने कहा, "पहले भर्ती परीक्षा के दौरान बहुत मुश्किलें आती थीं, इसीलिए प्रशासन ने एक सही फैसला लिया है, जिसके तहत आने वाले समय में, चाहे कोई भी पद हो, पूरी जिम्मेदारी तय की जाएगी। पहले हमेशा ऐसा होता था कि कोई एक व्यक्ति पर दोष मढ़ता था तो कोई दूसरे पर। अब ऐसा नहीं होगा, बल्कि फैसले और नियम सही तरीके से तय किए जाएंगे।"
उन्होंने आगे कहा, "आपने देखा होगा कि जैसे-जैसे समस्याएं आती हैं, उनसे सीखना पड़ता है। जेन-जी के इस आंदोलन को स्वीकार करते हुए सरकार ने देश और छात्रों के हित में जो भी जरूरी सुधारात्मक कदम उठाने थे, उन्हें लागू करने का काम किया है।" उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से लिया गया यह निर्णय छात्रों सहित उनके माता-पिता के लिए एक राहत भरी खबर है।
बता दें कि महाराष्ट्र सरकार ने भर्ती परीक्षाओं को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने भर्ती परीक्षा में होने वाली गड़बड़ी को रोकने के लिए एक हाई-लेवल कमेटी का गठन किया है, जो पेपर से लेकर रिजल्ट तक की पूरी व्यवस्था की समीक्षा करेगी।
सरकार ने भर्ती परीक्षा प्रणाली को ज्यादा पारदर्शी, सुरक्षित, विश्वसनीय और उम्मीदवार-केंद्रित बनाने के लिए उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। यह समिति सिर्फ परीक्षा के पेपर तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरी परीक्षा प्रक्रिया की समीक्षा करेगी। समिति यह देखेगी कि प्रश्नपत्र कैसे तैयार होते हैं, उनकी गोपनीयता कैसे बनाए रखी जाए, परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा और व्यवस्था कैसी हो, तकनीक का इस्तेमाल कैसे बढ़ाया जाए और नकल व अनुचित साधनों पर कैसे प्रभावी रोक लगाई जाए।
इसके अलावा, समिति को उम्मीदवारों की शिकायतों का निवारण और परीक्षा के दौरान उनके पूरे अनुभव को भी समीक्षा में शामिल किया गया है। इस समिति को बनाने के पीछे सरकार का मकसद साफ है। इसके जरिए सरकार भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी और अनुचित साधनों पर रोक लगाकर उम्मीदवारों को एक भरोसेमंद और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था देनी चाहती है।
--आईएएनएस
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