पटना, 6 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की बिहार इकाई के अध्यक्ष संजय सरावगी ने संघ प्रमुख मोहन भागवत के 'जेन जी संवाद' कार्यक्रम को स्वागत योग्य कदम बताया है। इस दौरान, सरावनी ने एफसीआरए विधेयक को देशहित में बताते हुए कहा कि यह पास होना जरूरी है।
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए संजय सरावगी ने मोहन भागवत के कार्यक्रम को लेकर कहा, "यह स्वागत योग्य कदम है। सरसंघचालक जी ने कहा है कि 'छात्रों से सीधा संवाद होना चाहिए।' आपने देखा, पूरे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने भी सीधे वीडियो संदेश के माध्यम से सीधे नौजवानों और छात्रों से संवाद किया था। अब सरसंघचालक भी कह रहे हैं। यह स्वागत योग्य कदम है। यह होना चाहिए।"
बिहार भाजपा अध्यक्ष ने एफसीआरए बिल पर कहा, "ये कई सालों से लटका हुआ है। ये देशहित में बिल है। धर्मांतरण के लिए विदेशी पैसे से प्रोत्साहन दिया जाता था। ये देशहित में नहीं है। विदेशी शक्तियां पैसा देकर यहां देश विरोधी काम कराती थीं, जिसके कारण ये विधेयक अत्यंत महत्वपूर्ण है। हमारी केंद्र की सरकार लगी भी है कि कैसे इसको पास कराया जाए। ये होना ही चाहिए। देशहित में ये अत्यंत आवश्यक है।"
सरावगी ने मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग की ओर से माफी मांगने पर कहा, "पूरी जानकारी मेटा को बुलाकर उनको बताई गई। यह घोर निंदनीय है, आपत्तिजनक है कि देश के प्रधानमंत्री का वीडियो कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया। मेटा के मालिक ने लिखित रूप से माफी मांगी है। उन्होंने कई बातें बताई हैं कि पैसे लेकर कैसे-कैसे कुछ कंटेंट को ज्यादा लाइक और ज्यादा प्रचारित किया गया। उन्होंने माफी मांगी है।"
उन्होंने बंगाल में मस्जिद से लाउडस्पीकर हटाए जाने पर कहा, "तेज आवाज के कारण बुजुर्गों और छात्रों को भारी ध्वनि प्रदूषण के कारण भारी कठिनाई होती थी, जिसके कारण ध्वनि प्रदूषण बोर्ड ने एक समान कार्रवाई की है। सभी धार्मिक स्थलों पर, जहां तेज आवाज वाले लाउडस्पीकर लगे हुए थे, चाहे वो मस्जिद हो, मंदिर हो या अन्य कई धार्मिक स्थल, सभी जगहों से हटाए गए हैं।"
बंगाल की पिछली टीएमसी सरकार पर निशाना साधते हुए सरावगी ने कहा, "पहले की सरकार में मुस्लिम तुष्टिकरण के कारण आम जनता को कठिनाई हो रही थी और लाउडस्पीकर नहीं हटाए गए थे। अभी समान कार्रवाई हो रही है। ध्वनि प्रदूषण बिना ने मंदिर, मस्जिद और अन्य धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटाए हैं।"
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