नई दिल्ली, 5 सितंबर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) 7-8 सितंबर को हरियाणा के फरीदाबाद स्थित ताज सूरजकुंड में महिला विधायकों के लिए 'शी इज अ चेंजमेकर' शीर्षक से जेंडर-रिस्पॉन्सिव गवर्नेंस (लैंगिक संवेदनशील शासन) पर दो दिवसीय राष्ट्रीय क्षमता निर्माण कार्यशाला का आयोजन करेगा।
एनसीडब्ल्यू की अध्यक्ष विजया रहाटकर के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, वहीं हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी कार्यक्रम में भाग लेंगे।
कार्यशाला में देश के लगभग 22 राज्यों की महिला विधायक हिस्सा लेंगी। इस दौरान महिला नेतृत्व और लैंगिक संवेदनशील शासन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। कार्यक्रम में प्रभावी जन नेतृत्व और निर्णय लेने की क्षमता, जेंडर बजटिंग, महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा, संकटग्रस्त महिलाओं के लिए सहायता तंत्र, महिला केंद्रित कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा महिला आर्थिक सशक्तिकरण और जमीनी नेतृत्व को बढ़ावा देने में स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की भूमिका जैसे विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे।
इस पहल के बारे में जानकारी देते हुए एनसीडब्ल्यू की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कहा कि एक समावेशी, संवेदनशील और समानता पर आधारित समाज के निर्माण के लिए शासन व्यवस्था में महिलाओं की सार्थक भागीदारी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि महिला विधायक नीति निर्माण और सार्वजनिक निर्णय प्रक्रिया में अपने अनुभवों तथा दृष्टिकोण के माध्यम से महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।
उन्होंने कहा कि 'शी इज अ चेंजमेकर' पहल के माध्यम से आयोग महिला जनप्रतिनिधियों की नेतृत्व क्षमता को मजबूत करने और उन्हें शासन में अधिक प्रभावी भूमिका निभाने के लिए आवश्यक ज्ञान, संसाधन और मंच उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहा है।
रहाटकर ने कहा कि जेंडर-रिस्पॉन्सिव गवर्नेंस केवल महिलाओं के लिए नीतियां बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करने का प्रयास है कि समाज को प्रभावित करने वाले निर्णयों और नीतियों के निर्माण में महिलाएं समान भागीदार बनें।
कार्यशाला का उद्देश्य महिला विधायकों को एक साझा मंच उपलब्ध कराना है, जहां वे अपने अनुभव साझा कर सकें, नेतृत्व कौशल को मजबूत बना सकें और लैंगिक संवेदनशील शासन के प्रभावी मॉडल पर विचार-विमर्श कर सकें। इसके साथ ही कार्यक्रम के माध्यम से नीति निर्माण, संस्थागत व्यवस्थाओं और क्रियान्वयन तंत्र से जुड़ी समझ को भी मजबूत किया जाएगा, जिससे सार्वजनिक जीवन और शासन में महिलाओं की भागीदारी को और बढ़ावा मिल सके।
यह कार्यक्रम एनसीडब्ल्यू की प्रमुख पहल 'शी इज अ चेंजमेकर' के तहत आयोजित किया जा रहा है। आयोग के अनुसार, इस पहल के अंतर्गत देशभर में निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों के लिए 200 से अधिक क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य महिला जनप्रतिनिधियों की नेतृत्व क्षमता को सशक्त बनाना और शासन तथा सार्वजनिक जीवन में उनकी प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करना है।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने कहा कि इस पहल के माध्यम से वह शासन के विभिन्न स्तरों पर महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने, निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों को अपनी क्षमताएं विकसित करने, श्रेष्ठ अनुभव साझा करने और विकास प्रक्रिया में अधिक प्रभावी योगदान देने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रहा है।
--आईएएनएस
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