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मध्य प्रदेश सरकार ने 'भाव्या' योजना के तहत 11 इंडस्ट्रियल पार्क का प्रस्ताव रखा

मध्य

भोपाल, 17 अगस्त (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश सरकार ने सोमवार को बताया कि उसने केंद्र की 'भाव्या' (भारत औद्योगिक विकास योजना) स्कीम के तहत 9,000 एकड़ से ज्यादा जमीन पर 11 इंडस्ट्रियल पार्क बनाने का प्रस्ताव रखा है। इस प्रोजेक्ट की कुल अनुमानित लागत 8,144.35 करोड़ रुपए है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नई दिल्ली में नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट एंड इम्प्लीमेंटेशन ट्रस्ट (एनआईसीडीआईटी) की एपेक्स मॉनिटरिंग अथॉरिटी की तीसरी बैठक में ये प्रस्ताव पेश किए।

सरकार के अनुसार, प्रस्तावित इंडस्ट्रियल पार्क 9,047.08 एकड़ में फैले हैं और इन्हें 'प्लग-एंड-प्ले' इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ तैयार करने की योजना है ताकि ये निवेश के लिए तैयार हों और उद्योगों की स्थापना आसान हो सके।

यादव ने अपनी प्रेजेंटेशन के दौरान कहा, "राज्य सरकार आधुनिक औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने, निवेश-अनुकूल नीतियां लागू करने और उद्योगों को 'प्लग-एंड-प्ले' सुविधाएं प्रदान करने के लिए लगातार काम कर रही है।"

प्रस्तावित 11 प्रोजेक्ट्स में उज्जैन में अवंतिका इंडस्ट्रियल सेंटर, धार में भेंसोला, देवास-शाजापुर में पिपलरवां-पालिकालन, आईआर रतलाम-पलसोडी, सीहोर में अष्टा इंडस्ट्रियल क्लस्टर, सागर में मसवासी ग्रांट, गुना में चैनपुरा, ग्वालियर में मोहना, जबलपुर में धर्मपुरा, कटनी में सिमरा और रीवा में शिवसागर शामिल हैं।

सरकार ने बताया कि भेंसोला प्रोजेक्ट को टेक्सटाइल पार्क के तौर पर प्रस्तावित किया गया है और इसे धार में पीएम मित्र पार्क के विस्तार के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसमें टेक्सटाइल वैल्यू चेन से जुड़ी सुविधाएं होंगी।

अन्य प्रस्तावित पार्कों से फार्मास्यूटिकल्स, ऑटोमोबाइल, रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट, सेमीकंडक्टर, आईटी और आईटीएस सेक्टर में निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। सरकार ने कहा कि इन प्रोजेक्ट्स से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

मध्य प्रदेश औद्योगिक क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए भी सुविधाएं विकसित कर रहा है। इनमें डे-केयर सेंटर, सीसीटीवी-आधारित सुरक्षा, हेल्थकेयर सुविधाएं, कैंटीन और हॉस्टल शामिल हैं।

यादव ने एक बयान में कहा, "हमारा लक्ष्य औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करके और निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल बनाकर मध्य प्रदेश को एक प्रमुख औद्योगिक और निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करना है।"

मुख्यमंत्री ने केंद्र के सहयोग से विकसित किए जा रहे औद्योगिक कॉरिडोर और नोड्स और राज्य में औद्योगिक निवेश को गति देने में उनकी भूमिका पर भी प्रकाश डाला।

बैठक में केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण, केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और पीयूष गोयल और नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक कुमार लाहिड़ी शामिल हुए।

--आईएएनएस

एससीएच