मुंबई, 13 जून (आईएएनएस)। मुंबई के डोंगरी इलाके में दो लाख रुपए के उधारी विवाद में एक 33 वर्षीय युवक को बंधक बनाकर उसके साथ क्रूरता की सारी हदें पार कर दी गईं। पीड़ित को 48 घंटे तक भूखा-प्यासा रखा गया, चमड़े की बेल्ट से बेरहमी से पीटा गया और कथित तौर पर निर्वस्त्र कर लॉज के कॉरिडोर में चलने के लिए मजबूर किया गया। इस सनसनीखेज मामले में डोंगरी पुलिस ने मामला दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, पीड़ित सचिन रणपिसे (33) ने कुछ समय पहले एक आरोपी से दो लाख रुपए उधार लिए थे। आर्थिक तंगी के चलते वह तय समय पर रकम वापस नहीं कर सका और उसने कुछ दिनों की मोहलत मांगी थी। हालांकि, आरोपी तत्काल पैसे वसूलने पर अड़े रहे और उन्होंने सचिन के अपहरण की साजिश रच डाली।
शिकायत के मुताबिक, 8 जून से 10 जून के बीच सचिन को डोंगरी स्थित बाबा दरगाह के पास एमएम रेजीडेंसी लॉज के कमरा नंबर 104 में जबरन कैद कर रखा गया। इस दौरान उसे खाने का एक निवाला और पानी की एक बूंद तक नहीं दी गई। आरोपियों ने लगातार चमड़े की बेल्ट से उसकी पिटाई की, जिससे उसके सिर, हाथ और पीठ पर गंभीर चोटें आईं। इतना ही नहीं, पीड़ित को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के लिए आरोपियों ने उसे निर्वस्त्र कर लॉज के कॉरिडोर में पैदल चलने के लिए मजबूर किया।
इसके बाद, 11 जून को किसी तरह आरोपियों के चंगुल से छूटने के बाद सचिन ने डोंगरी पुलिस स्टेशन पहुंचकर पूरी घटना की जानकारी दी। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में क्राइम डिटेक्शन टीम ने तत्काल जांच शुरू की। शुरुआती जांच में सीसीटीवी फुटेज से कोई ठोस सुराग नहीं मिला, लेकिन स्थानीय खुफिया तंत्र की मदद से पुलिस ने जाल बिछाकर मजगांव इलाके से पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अब्दुल्लाह शौकत भुसारी (21), जुनैद कायमुद्दीन खान (26), मोहम्मद साद पठान (26), अराफात हशम खानानी (24) और साहिल शेख (25) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात से जुड़ी कुछ संपत्ति भी बरामद की है। मामले में आगे की जांच जारी है।
डोंगरी पुलिस का कहना है कि मामला दर्ज होने के बाद पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।