चंडीगढ़, 14 जून (आईएएनएस)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को कहा कि किसी भी समाज की महानता उसकी आर्थिक समृद्धि से नहीं, बल्कि इस बात से मापी जाती है कि वह अपने कमजोर, असहाय और वंचित वर्गों के साथ कैसा व्यवहार करता है।
उन्होंने कहा कि जो समाज अपने वंचित और जरूरतमंद नागरिकों का ख्याल रखता है, वही सच में प्रगतिशील और दयालु होता है।
मुख्यमंत्री पंजाब के लुधियाना में आयोजित 346वें 'मासिक विधवा राशन एवं सहायता वितरण समारोह' को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने 'ज्ञान स्थल मंदिर सेवा सोसायटी' के लिए 11 लाख रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की।
शहीद लाला जगत नारायण को श्रद्धांजलि देते हुए सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन देशभक्ति, सामाजिक सद्भाव और मानवता की सेवा में समर्पित कर दिया।
उन्होंने देश की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि लाला जगत नारायण द्वारा सेवा, समर्पण और राष्ट्रीय हित के प्रति प्रतिबद्धता की जो विरासत छोड़ी गई थी, उसे आज 'ज्ञान स्थल मंदिर सेवा सोसायटी' और 'लाला जगत नारायण निष्काम सेवा समिति' आगे बढ़ा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय जगदीश बजाज द्वारा 1997 में शुरू की गई सेवा पहल अब बड़े पैमाने पर जन-कल्याणकारी आंदोलन का रूप ले चुकी है। जरूरतमंद विधवा माताओं और बहनों को लगातार 346 महीनों तक सहायता प्रदान करना एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।
उन्होंने जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद से प्रभावित परिवारों के लिए राहत सामग्री लेकर जाने वाले 64वें ट्रक को रवाना किए जाने की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि संगठन ने अब तक 1.65 लाख से अधिक जरूरतमंद विधवा परिवारों को राशन वितरित किया है। कोविड-19 महामारी के कठिन दौर में भी संगठन के स्वयंसेवकों ने जरूरतमंद परिवारों तक घर-घर जाकर सहायता पहुंचाई।
इसके अलावा, सोसायटी ने दिव्यांगजनों को 385 तिपहिया वाहन (ट्राइसाइकिल) उपलब्ध कराए हैं, 1.15 लाख से अधिक महिलाओं को सिलाई मशीनें वितरित की हैं और 25,000 से अधिक बच्चों को कंप्यूटर शिक्षा प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य को संवारने में मदद की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संगठन के प्रयास केवल सहायता वितरण तक ही सीमित नहीं हैं। यह महिलाओं और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार काम कर रहा है। कौशल विकास और स्वरोजगार को बढ़ावा देने वाली इसकी पहल सकारात्मक सामाजिक बदलाव के लिए उत्प्रेरक का काम कर रही है।
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार माताओं, बहनों और बेटियों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक सशक्तिकरण के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं लागू कर रही है। राज्य में विधवा महिलाओं को 3,200 रुपए की मासिक पेंशन दी जा रही है। दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2,100 रुपए की आर्थिक मदद मिलती है, जबकि हर घर-हर गृहिणी योजना के तहत 500 रुपए में एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना, लखपति दीदी अभियान, स्वयं-सहायता समूहों को मजबूत करने और महिलाओं की सुरक्षा व शिक्षा से जुड़ी योजनाओं जैसी कई पहलों के जरिए महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है।
इसके अलावा, राज्य में 81 नए कॉलेज खोले गए हैं, जिनमें से 31 कॉलेज सिर्फ लड़कियों के लिए हैं। राज्य सरकार लड़कियों को पोस्ट-ग्रेजुएट स्तर तक मुफ्त शिक्षा भी दे रही है ताकि वे शिक्षा के जरिए आत्मनिर्भर बन सकें।
--आईएएनएस
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