लखनऊ, 22 जून (आईएएनएस)। लखनऊ के अलीगंज इलाके के पुरानिया में सोमवार को एक कोचिंग सेंटर में आग लगने से 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई छात्र इमारत के अंदर फंस गए थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सीनियर अधिकारियों को तुरंत घटनास्थल पर पहुंचने और तेजी से बचाव अभियान चलाने का आदेश दिया। प्रधानमंत्री मोदी, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हादसे पर दुख जताया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हुई भीषण अग्निकांड में हुई जानमाल की हानि से मैं व्यथित हूं। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। बचाव अभियान जारी है और अधिकारी हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष की ओर से प्रत्येक मृतक के परिजनों को दो लाख रुपए की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपए दिए जाएंगे।
वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि लखनऊ के अलीगंज इलाके में एक कोचिंग सेंटर में आग लगने से हुआ हादसा मन को व्यथित करने वाला है। मेरी संवेदनाएं उन सभी परिवारों के साथ है, जिन्होंने इस घटना में अपने प्रियजनों को खोया है। इसके साथ ही मैं सभी घायलों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हुई अग्निकांड में हुई जानमाल की हानि अत्यंत दुखद है। मेरी हार्दिक संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।
इस हादसे में मृतकों की आयु 20 से 24 वर्ष के बीच बताई जा रही है। आसपास के इलाके में घटना से दहशत फैल गई और आशंका जताई जा रही है कि हताहतों की संख्या और बढ़ सकती है।
जानकारी के अनुसार इमारत के अंदर चल रहे एक कोचिंग सेंटर में आग लगने से पूरा परिसर तेजी से घने धुएं से भर गया और छात्रों और अन्य उपस्थित लोगों में अफरा-तफरी मच गई। जान बचाने की कोशिश में कुछ लोग ऊपरी मंजिलों और छत से कूद गए, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दोपहर में सबसे पहले इमारत से धुआं उठता देखा गया और देखते ही देखते आग तेजी से फैल गई और पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया।
आग और धुएं से निकास मार्ग अवरुद्ध होने के कारण, घबराए हुए छात्र खिड़कियों और छत की ओर भागे। कुछ ने तो अपनी जान बचाने के लिए नीचे छलांग लगा दी।
दमकल, पुलिस और प्रशासन की कई टीमें मौके पर पहुंचीं। जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस आयुक्त सहित वरिष्ठ अधिकारी बचाव और राहत कार्यों की निगरानी के लिए मौके पर मौजूद थे।