लोगों में भाजपा शासन को लेकर रोष है: माता प्रसाद पांडेय

लोगों में भाजपा शासन को लेकर रोष है: माता प्रसाद पांडेय

लखनऊ, 17 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता माता प्रसाद पाण्डेय ने मंत्री ओम प्रकाश राजभर के बयान पर किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। साथ ही, उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब मैं उन पर क्या ही टिप्पणी करूं, वो खुद ही एक घोटाला हैं।

माता प्रसाद पाण्डेय ने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में समाजवादी पार्टी के भाजपा में शामिल होने की बातों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समुदाय की बैठक में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। लोगों में भाजपा शासन को लेकर रोष है। लोग चाहते हैं कि भाजपा को सत्ता से हटाया जाए। इस पार्टी ने तानाशाही की चरम सीमा को पार कर दिया है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है। आज की तारीख में जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल उत्तर प्रदेश में किया जा रहा है, क्या वो लोकतंत्र के लिहाजा ठीक है, क्या ये लोकतांत्रिक भाषा है।

उन्होंने कहा कि मैं कई मुख्यमंत्रियों के साथ रहा हूं, लेकिन मैंने ऐसी भाषा शैली का उपयोग किसी भी मुख्यमंत्री को करते हुए नहीं देखा है। अफसोस की बात है कि आम लोगों के बीच में मुख्यमंत्री ऐसी भाषा का उपयोग कर रहे हैं। वह माफिया के सफाया की बात कर रहे हैं, लेकिन मेरा सवाल है कि जौनपुर में खुला कौन घूम रहा है।

इसके अलावा, उन्होंने ब्राह्मण समुदाय की बैठक को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हमने बैठक में शामिल हुए सभी लोगों से अपील की है कि वे समाजवादी पार्टी को आगे बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ाएं। वैसे भी आप लोगों के साथ बहुत अत्याचार हुआ है। ऐसी स्थिति में अब आप लोगों के लिए यह जरूरी हो जाता है कि आप लोग एकजुट रहें। आपको किसी भी प्रकार की समस्या न हो, यही हमारी मूल कोशिश थी और आगे भी रहेगी।

साथ ही, जब उनसे यह सवाल किया गया कि क्या आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव से पूर्व इस तरह की बैठक के कोई राजनीतिक मायने हैं तो इस पर उन्होंने कहा कि इसके कोई मायने नहीं निकाले जा सकते हैं। हम लोगों के बीच सिर्फ यही संदेश प्रेषित करना चाहते हैं कि वो एकजुट रहें।

--आईएएनएस

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