मुंबई, 14 जून (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने वर्तमान उप सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को भारतीय सेना का अगला चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (सीओएएस) नियुक्त किया है। वह 30 जून को सेना प्रमुख का पदभार संभालेंगे। वह मौजूदा सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी का स्थान लेंगे, जो उसी दिन सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
इस नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए रक्षा विशेषज्ञ और पूर्व मेजर जनरल जीडी बख्शी ने इसे एक बेहतरीन फैसला बताया। उन्होंने आईएएनएस से कहा कि लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ एक बेहद अनुभवी, सम्मानित और पुरस्कृत अधिकारी हैं। उनका संबंध आर्मर्ड कॉर्प्स की प्रतिष्ठित 17वीं पूना हॉर्स रेजिमेंट से है, जिसे 'फख्र-ए-हिंद' के नाम से भी जाना जाता है।
जीडी बख्शी ने कहा कि लगभग 30 वर्षों बाद भारतीय सेना को आर्मर्ड कॉर्प्स से कोई सेना प्रमुख मिलने जा रहा है।
उन्होंने कहा, "धीरज सेठ बेहद बुद्धिमान, अनुभवी और ज्ञानवान अधिकारी हैं। सही समय पर सही व्यक्ति को सही जिम्मेदारी दी गई है।"
मेजर जनरल बख्शी ने कहा कि वर्तमान समय में सेना को तकनीकी रूप से मजबूत नेतृत्व की आवश्यकता है और धीरज सेठ इस कसौटी पर पूरी तरह खरे उतरते हैं। उन्होंने आर्मर्ड कॉर्प्स, आर्टिलरी और इन्फैंट्री तीनों क्षेत्रों में काम किया है, जिससे उन्हें सैन्य संचालन का व्यापक अनुभव प्राप्त है।
वायुसेना के पुराने विमानों पर टिप्पणी करते हुए बख्शी ने कहा कि समय के साथ पुराने विमानों को बदलना जरूरी होता है। उन्होंने कहा, "मिग-21 जैसे विमान 1960 के दशक में आए थे और आज भी कुछ जगहों पर उनका उपयोग हो रहा है। यदि बहुत पुराने विमानों को लगातार उड़ाया जाएगा, तो नुकसान की आशंका बनी रहेगी।"
लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ की नियुक्ति को सेना के आधुनिकीकरण और भविष्य की चुनौतियों के लिहाज से एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि उनका अनुभव और तकनीकी समझ भारतीय सेना को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाएगी।