लखनऊ, 16 अगस्त (आईएएनएस)। भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने रविवार को सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे से जुड़े 'वंदे मातरम' विवाद, राहुल गांधी की टिप्पणियों, पी. चिदंबरम के 'दिमागी नक्सल' वाले पोस्ट समेत कई मामलों पर प्रतिक्रिया दी।
सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे से जुड़े 'वंदे मातरम' विवाद पर आईएएनएस से बातचीत करते हुए दिनेश शर्मा ने कहा कि 'वंदे मातरम' लोकसभा और राज्यसभा की ओर से पारित एक संवैधानिक व्यवस्था है। इसका गायन और इसके संबंध में सम्मान की दृष्टि का स्पष्ट उल्लेख है न करने पर दंड का प्रावधान है।
राहुल गांधी की ओर से 'अपना गाना गाते हैं' कहने को लेकर दिनेश शर्मा ने कहा कि देश का गाना तो वंदे मातरम ही है। अगर कोई दूसरे देश का हो, जिसे भारत की संप्रभुता पर विश्वास न हो, वह इस प्रकार का बयान दे सकता है। अगर कोई संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति ऐसा बयान देता है तो यह आश्चर्य का विषय है।
महिला आरक्षण बिल और परिसीमन बिल को लेकर विपक्ष के हमलावर होने के सवाल पर दिनेश शर्मा में कहा कि प्रधानमंत्री की ओर से स्पष्ट किया गया है कि नारी सशक्तीकरण और भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प है। विपक्ष शब्दों में उलझ रहा है। प्रधानमंत्री की ओर से समाधान की बात की जा रही है। महिलाओं को अधिकार और युवाओं को राष्ट्र निर्माण के अवसर की बात कर रहे हैं। विपक्ष की ओर से कुछ और बात की जा रही है।
चुनाव से पहले यूपी सरकार की ओर से महिलाओं को बड़ी सौगात देने जाने को लेकर दिनेश शर्मा ने कहा कि सरकार की ओर से जो भी योजनाएं आती हैं, वो महिलाओं के पक्ष में होती हैं। सुकन्या धन योजना, कन्या के विवाह की योजना, शौचालय निर्माण, गैस की व्यवस्था और आवास की व्यवस्था समेत तमाम और व्यवस्थाएं हैं। महिलाओं का उन्नयन और सशक्तीकरण सरकार की प्राथमिकता है।
राम मंदिर में पुजारियों के लिए नया ड्रेस कोड लागू किए जाने को लेकर दिनेश शर्मा ने कहा कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को पता है कि उनकी ओर से पुरोहितों के लिए किस प्रकार के वस्त्र धारण की व्यवस्था की जाती है।
पीएम मोदी की ओर स्वतंत्रता दिवस पर दिए गए भाषण पर दिनेश शर्मा ने कहा कि कुछ लोग ऐसे हैं, जो युवाओं का दुरुपयोग करके उनको हिंसा की तरफ ले जाना चाहते हैं और उनके कंधे का सहारा लेकर राजनीतिक रोटियां सेंकने का स्वप्न देखते हैं। विपक्षीय दलों की इसमें दुर्भाग्यपूर्ण योगदान है। प्रधानमंत्री की ओर से युवाओं के हाथ में कंप्यूटर, कलम, स्टार्टअप, मेक इन इंडिया, स्टैंडअप इंडिया के माध्यम से महान भारत की संकल्पना युवाओं के आधार पर की जा रही है। विपक्ष युवा को कहीं और भटकाकर हिंसा की तरफ ले जाने का स्वप्न देखते हैं।
--आईएएनएस
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