तिरुवनंतपुरम, 23 जुलाई (आईएएनएस)। केरल के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने गुरुवार को कहा कि खादी सिर्फ एक कपड़ा नहीं है, बल्कि देश की आजादी की लड़ाई से जुड़कर यह भारत की आत्मा और भावना बन गई है।
मुरलीधरन ने कहा कि महात्मा गांधी ने आजादी की लड़ाई के दौरान स्वदेशी आंदोलन के जरिए खादी को राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बनाया।
उन्होंने कहा, "विदेशी कपड़ों के बहिष्कार को बढ़ावा देकर और स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहित करके खादी ने देश भर के लोगों को आजादी की लड़ाई के लिए एकजुट करने में अहम भूमिका निभाई।"
मंत्री ने कहा, "खादी सिर्फ एक कपड़ा नहीं है। यह देश की आत्मा और उन लाखों लोगों की भावनाओं का प्रतिनिधित्व करती है जिन्होंने भारत की आजादी की लड़ाई में हिस्सा लिया था।"
उन्होंने बताया कि आज खादी सेक्टर पारंपरिक हाथ से काते गए कपड़ों से कहीं आगे बढ़ चुका है और अब इसमें जूते-चप्पल, ग्रामीण उद्योग के उत्पाद और कई तरह के वैल्यू-एडेड सामान भी बनाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा, "इस सेक्टर में काम करने वालों में ज्यादातर महिलाएं हैं, जिससे खादी आजीविका का एक महत्वपूर्ण जरिया और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान देने वाला सेक्टर बन गया है।"
मंत्री ने कहा कि केरल देश का वह राज्य है जो खादी सेक्टर को सबसे ज्यादा समर्थन देता है।
राज्य सरकार पारंपरिक उद्योग को बनाए रखने के लिए मजदूरों को आय सहायता समेत कई तरह की मदद देती रहती है।
उन्होंने कहा, "सस्ते आयातित कपड़ों से कड़ी टक्कर के बावजूद, खादी उत्पादों ने अपनी गुणवत्ता और खासियत की वजह से विदेशी बाजारों में भी मजबूत जगह बनाई है।"
मुरलीधरन ने सरकारी विभागों और संस्थानों में जहां भी संभव हो, खादी उत्पादों को प्राथमिकता देने की राज्य सरकार की नीति को भी दोहराया।
राज्य की राजधानी में 23 जुलाई से 25 अगस्त तक लगने वाले ओणम खादी मेले में खादी उत्पादों पर 30 प्रतिशत तक की सरकारी छूट मिलेगी।
सरकारी, अर्ध-सरकारी और बैंक कर्मचारी खरीदारी के लिए 1 लाख रुपए तक की क्रेडिट सुविधा का लाभ भी उठा सकते हैं।
--आईएएनएस
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