नई दिल्ली, 6 अगस्त (आईएएनएस)। ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने कांवड़ियों पर विवादित टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा में अधिकतर लोग सिर्फ नशे और उपद्रव के लिए जाते हैं। ये शिवभक्त नहीं हैं, बल्कि आतंकवादी हैं।
मौलाना साजिद रशीदी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "सड़कों पर बैठकर शराब पीने और नशा करने वालों को शिवभक्त बोला जाता है। पुलिस वालों को वर्दी में रहते हुए पीटते हैं, आप उनको शिवभक्त बोलते हैं। स्कूल वैन में बैठे बच्चों के शीशे तोड़ दिए, कई बच्चों को घायल कर दिया, आप उनको शिवभक्त कहते हैं। आप उन लोगों को, जिन्होंने एक मरीज की वैन तक नहीं छोड़ी। और एक मरीज को परेशानी की हालत में, बीमारी की हालत में उससे कह रहे हैं, 'जय श्री राम के नारे लगाओ', ये शिवभक्त हैं? ये शिवभक्त नहीं हैं, ये तो आतंकवादी हैं।"
उन्होंने कहा, "मैं सभी कांवड़ियों को नहीं बोल रहा हूं। इनमें कुछ अच्छे लोग भी हैं, लेकिन अधिकतर लोग सिर्फ नशे और उपद्रव के लिए जाते हैं। क्या शिवजी ने यही कहा है कि किसी भी हक खा जाओ और किसी को भी लूट लो।"
मौलाना ने कहा, "मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नमाज को लेकर कह रहे थे कि किसी को भी इजाजत नहीं की कि कोई चौराहे पर आकर तमाशा करे। लेकिन अब ये लोग (कांवड़िए) सड़कों पर तमाशा कर रहे हैं। सड़कों पर डांस किया जा रहा है। नशे का इस्तेमाल हो रहा है। एक वीडियो में एक युवक राम जी की मूर्ति को सिगरेट पिला रहा था। ऐसे लोग क्या कांवड़िए हो सकते हैं? ये नशेड़ी और आतंकवादी हैं।"
मौलाना साजिद रशीदी ने बंगाल में मस्जिद से लाउडस्पीकर हटाए जाने पर भी प्रतिक्रिया दी। मौलाना ने कहा, "सुप्रीम कोर्ट का फैसला ये है कि रात को 10 बजे से सुबह 6 बजे तक, तो बिल्कुल लाउडस्पीकर नहीं बजेगा। डीजे वगैरह नहीं बजेगा। अब रात को 10 बजे से सुबह 6 बजे तक हमारी एक अजान आती है, उस पर मुसलमान अमल कर रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने एक डिसेबल भी तय कर रखा है कि कम से कम 10 और ज्यादा से ज्यादा 75, यानी 75 डेसीबल से ज्यादा और इससे कम नहीं होना चाहिए। लेकिन लाउडस्पीकर उतारना, ये सुप्रीम कोर्ट ने नहीं कहा कि लाउडस्पीकर उतारो।"
उन्होंने कहा, "जो लोग लाउडस्पीकर उतार रहे हैं, वो बिना कानून के किया जा रहा है। ऐसा नहीं है कि कानून में कहा गया है कि लाउडस्पीकर उतारो।" मौलाना ने कहा कि यह सिर्फ वोटबैंक की राजनीति हो रही है। मुस्लिमों के साथ भिड़ने की कोशिश की जा रही है।
साजिद रशीदी ने कहा कि लाउडस्पीकर का मामला कानून के अंतर्गत नहीं आता है। बंगाल सरकार को होश में आ जाना चाहिए। मुसलमानों के साथ ज्यादा अड़ना-भिड़ना बंद कर दे, नहीं तो सरकारें आती-जाती रहती हैं, सरकारों का इलाज भी हो जाता है।
मौलाना साजिद रशीदी ने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के वर्चुअल कार्यक्रम पर कहा, "दुनिया एक सर्किल है। जो करोगे, वो लौटकर आता है। जो आपने बंगाल में किया, उसका परिणाम आपने आंखों से देखा। अब रोने से कोई फायदा नहीं है। जिस वक्त ये लोग सत्ता में होते हैं, कुर्सी पर होते हैं, इनको अपने अलावा कुछ नजर नहीं आता। मैं तमाम मुस्लिम बादशाहों की बात करता हूं, चाहे वो बांग्लादेश हो, पाकिस्तान हो, सऊदी हो, दुबई हो, कोई भी जगह हो, शेख हसीना को उसके मुल्क को सौंपना चाहिए। उसके मुल्क के लोग तय करेंगे कि इसके साथ क्या करना है, क्या नहीं करना है।"
--आईएएनएस
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