कांवड़ यात्रा और चारधाम पर सीएम धामी का बड़ा बयान, बोले- सुरक्षा और बेहतर व्यवस्था हमारी प्राथमिकता

कांवड़ यात्रा और चारधाम पर सीएम धामी का बड़ा बयान, बोले- सुरक्षा और बेहतर व्यवस्था हमारी प्राथमिकता

देहरादून, 19 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कांवड़ यात्रा को लेकर राज्य सरकार की तैयारी जोरों पर है। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है और पूरी कोशिश की जा रही है कि कांवड़ियों और लोगों को कोई परेशानी न हो।

मीडिया से बातचीत के दौरान उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कांवड़ यात्रा आस्था और श्रद्धा से भरी हुई यात्रा होती है। शिवभक्त मां गंगा का जल लेकर जाते हैं और अपने-अपने यहां मौजूद शिवलिंग पर चढ़ाते हैं। ऐसे में हरिद्वार, ऋषिकेश और आसपास का क्षेत्र केंद्र बन जाता है।

उन्होंने कहा कि यह माहौल हमारे लिए विशेष अवसर का होता है और कांवड़ियों के आने का इंतजार भी रहता है। हम उनके स्वागत के लिए तैयार हैं। दो दिन बाद ही हरिद्वार में एक बड़ी बैठक करने वाले हैं, जिसमें इस यात्रा से जुड़े तमाम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। उनके आने-जाने, रहने और सुरक्षा के लिए सरकार काम कर रही है।

चारधाम यात्रा को लेकर सीएम ने कहा कि पिछले कई सालों के रिकॉर्ड इस बार टूट गए हैं। इस बार रिकॉर्ड संख्या में लोगों ने चारधाम यात्रा की है। सभी के आशीर्वाद से इस बार करीब 45 लाख लोगों ने यात्रा की है। अभी यात्रा चल ही रही है, लेकिन बारिश के मौसम में थोड़ी परेशानी होती है, इसलिए यात्रा भी रोकनी पड़ती है। लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन इसको लेकर फैसले लेता है।

सीएम ने कहा कि चारधाम यात्रा के दूसरे चरण की तैयारी चल रही है। कांवड़ यात्रा को लेकर हम तैयार हैं और कुंभ को लेकर भी हम चर्चा कर रहे हैं। अब इन दिनों को लोगों के लिए यादगार बनाने का काम कर रहे हैं।

बता दें कि 19 जुलाई को ही सीएम पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल से मुलाकात की। इस मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा करते हुए उन्होंने कहा कि नई दिल्ली में केंद्रीय विद्युत तथा आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल से भेंट कर उत्तराखंड की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं, चारधाम यात्रा एवं आगामी कांवड़ यात्रा को ध्यान में रखते हुए जुलाई माह हेतु 150 मेगावाट तथा अगस्त माह हेतु 200 मेगावाट अतिरिक्त विद्युत केंद्रीय पूल से उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।

उन्होंने बताया कि इस दौरान राज्य की जलविद्युत एवं पम्प्ड स्टोरेज परियोजनाओं को गति देने के लिए आगामी पांच वर्षों में 7800 करोड़ रुपये की सेंट्रल फाइनेंशियल असिस्टेंस और वायबिलिटी गैप फंडिंग उपलब्ध कराने, उत्तराखंड को पूर्वोत्तर राज्यों की भांति पूंजीगत वित्तीय सहायता प्रदान करने तथा इन परियोजनाओं की आर्थिक व्यवहार्यता सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया।

--आईएएनएस

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