लखनऊ, 16 जुलाई (आईएएनएस)। ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने सावन महीने में कांवड़ यात्रा को लेकर कहा कि सरकार को सुनिश्चित करना चाहिए कि यात्रा के दौरान किसी को दिक्कत नहीं होनी चाहिए।
लखनऊ में मौलाना यासूब अब्बास ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि कांवड़ यात्रा को लेकर मैं यह अपील करना चाहता हूं कि पूरे प्रदेश के लोग ध्यान दें। जब कांवड़ यात्रा के लिए निकल रहे हैं तो उनके अंदर गहरी आस्था और जज्बात हैं। वे मीलों पैदल चलकर आ रहे हैं, इसलिए किसी भी तरह की दिक्कत या बाधा उत्पन्न नहीं होनी चाहिए। जो लोग कांवड़ यात्रा निकाल रहे हैं, वे भक्तिमय भाव से यात्रा पूर्ण करें। प्रशासन भी यह सुनिश्चित करे कि एंबुलेंस या इमरजेंसी वाहनों के लिए रास्ता दिया जाए।
उन्होंने मौलाना जर्जिस अंसारी के विवादित बयान पर कहा कि इस तरह के मौलाना चीप पब्लिसिटी के लिए ऐसी हरकत करते हैं। हिंदू मजहब इस्लाम मजहब से भी पुराना है। इस्लाम मजहब तो बस 1400 साल पुराना है। आप कैसे कह सकते हैं कि श्रीकृष्ण पांच वक्त नमाज अदा करते थे? क्या आप उन्हें नमाज पढ़ते हुए छुपकर देख रहे थे? मौलाना को ऐसी बातें नहीं करनी चाहिए, जिससे किसी धर्म के लोगों की आस्था को ठेस पहुंचे।
उन्होंने हैदराबाद स्कूल विवाद पर कहा कि स्कूलों में दीन की शिक्षा नहीं दी जाती। दीन की शिक्षा मदरसों में होती है और शिशु मंदिरों में सांस्कृतिक/धार्मिक शिक्षा दी जाती है। जिसने भी स्कूल में कलमा या कुरान-ए-पाक पढ़ाने की बात की है, वह बिल्कुल गलत है।
रामपुर जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर उन्होंने कहा कि जिस तरीके से रामपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी का नक्शा पास किए बगैर इमारतें बना दी गईं, मेरे ख्याल से यह बिल्कुल गलत है। जब आप यूनिवर्सिटी बना रहे हैं तो आपको सभी मानकों को पूरा करना चाहिए। लिहाजा अभी भी वक्त है। मैं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से गुजारिश करूंगा कि यह एक तालीमी इदारा है। सरकार इसे अपने अधीन ले ले, सभी मानकों को पूरा करे और इसे सरकार चलाए, क्योंकि यूनिवर्सिटी किसी के घर की नहीं होती। जौहर यूनिवर्सिटी को सरकार के अधीन में ले लिया जाए, ताकि बच्चों का भविष्य खराब न हो।
कथित टेरर फंडिंग और बांग्लादेशी-रोहिंग्या घुसपैठ नेटवर्क पर ईडी की छापेमारी के संबंध में मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि घुसपैठिए भारत में घुस रहे हैं। बांग्लादेश में जब अजान होती है तो भारत में सुनाई पड़ती है। घुसपैठियों को बाहर करना चाहिए।
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