केंद्र की मौजूदा सरकार ने हर मोर्चे पर देश को सशक्त किया : मनिंदरजीत सिंह बिट्टा

केंद्र की मौजूदा सरकार ने हर मोर्चे पर देश को सशक्त किया : मनिंदरजीत सिंह बिट्टा

बागपत, 11 अगस्त (आईएएनएस)। ऑल इंडियन एंटी-टेररिस्ट फ्रंट के चेयरमैन मनिंदरजीत सिंह बिट्टा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बचाव करते हुए कांग्रेस की ओर से उनके इस्तीफे की मांग पर जुबानी हमला किया। उन्होंने आर्टिकल 370 हटाने, राम मंदिर निर्माण, आतंकवाद के खिलाफ केंद्र की कार्रवाई और पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान में की गई सैन्य कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा और राष्ट्रहित को राजनीति से ऊपर रखा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जिस प्रधानमंत्री ने आर्टिकल 370 हटाया, उनके इस्तीफे की मांग करना उचित नहीं है। आर्टिकल 370 के दौर में जम्मू-कश्मीर में लगातार हिंसा और आतंकवाद की घटनाएं होती थीं और जवानों के साथ-साथ आम लोगों को भी कीमत चुकानी पड़ती थी। मेरा सवाल उन लोगों से है जो राजनीतिक स्वार्थ को राष्ट्रहित से ऊपर रखते हैं। राष्ट्र प्रथम है, हम प्रथम नहीं हैं और देश की मजबूती सबसे महत्वपूर्ण होनी चाहिए।

बिट्टा ने कहा कि राम जन्मभूमि पर मंदिर का निर्माण हुआ और इसके लिए न तो गोली चली, न बम चला और न ही दंगे हुए। इसी तरह आर्टिकल 370 हटाए जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि यह फैसला भी देश को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम था। आतंकवाद को जड़ से खत्म करना जरूरी था और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में इस दिशा में कार्रवाई हुई। पहलगाम में आतंकी घटना का जिक्र करते हुए बिट्टा ने कहा कि इसके बाद पाकिस्तान में घुसकर आतंकवादी कैंपों को तबाह किया गया। उन्होंने इसे आज के भारत की बदली हुई तस्वीर से जोड़ते हुए कहा कि अब देश आतंकवाद के खिलाफ जवाब देने की क्षमता रखता है।

बिट्टा ने दिल्ली में संभावित बम विस्फोट की साजिश का जिक्र करते हुए कहा कि यदि जंतर-मंतर पर बम ब्लास्ट हो जाता और वहां मौजूद छात्र, पुलिसकर्मी या राजनीतिक नेता इसकी चपेट में आ जाते, तो राजनीतिक दल केंद्र सरकार पर ही सवाल उठाते। दिल्ली पुलिस और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों की सतर्कता के कारण संभावित घटना को रोका जा सका। बिट्टा ने कहा कि उन्होंने आतंकवाद का दौर देखा है। कई बार जानलेवा हमलों से बचे हैं। आज की पीढ़ी को उस दौर के बारे में भी समझना चाहिए, जब आतंकवादी घटनाओं में बड़ी संख्या में जवानों की जान जाती थी और कई परिवार उजड़ जाते थे। राजनीतिक दलों से सवाल करते हुए उन्होंने कहा कि वे दस साल पहले के भारत और आज के भारत की तुलना करें। बिट्टा ने दावा किया कि आज देश के कई हिस्सों में पहले की तुलना में सुरक्षा की स्थिति बेहतर हुई है और जवानों की शहादत से जुड़े हालात में भी बदलाव आया है।

बिट्टा ने कहा कि प्रधानमंत्री केवल हिंदुत्व के लिए काम नहीं कर रहे हैं, बल्कि उनका काम हिंदुस्तान के लिए है। उन्होंने खुद को कांग्रेस का पुराना समर्थक बताते हुए कहा कि उनका किसी राजनीतिक दल विशेष से लेना-देना नहीं है, बल्कि वह प्रधानमंत्री के उन कदमों की प्रशंसा कर रहे हैं जिन्हें वह देशहित में मानते हैं।

बिट्टा ने अलगाववादी मांगों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत को बांटने की किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने पंजाब में खालिस्तान की मांग के संदर्भ में कहा कि देश की एकता और अखंडता सर्वोपरि है। लोग अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर सकते हैं, प्रधानमंत्री से मुलाकात की मांग कर सकते हैं और अपनी बात रख सकते हैं, लेकिन राष्ट्र की एकता से समझौता नहीं किया जा सकता।

--आईएएनएस

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