किसानों को उनकी उपज का पूरा मूल्य दिलाना हमारी प्राथमिकता: मनोज कुमार पाण्डेय

किसानों को उनकी उपज का पूरा मूल्य दिलाना हमारी प्राथमिकता: मनोज कुमार पाण्डेय

लखनऊ, 24 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति मंत्री डॉ. मनोज कुमार पाण्डेय ने कहा है कि किसानों के हितों की रक्षा और खाद्यान्न खरीद व्यवस्था को मजबूत करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से उन्होंने केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रहलाद जोशी से मुलाकात कर किसानों के लंबित भुगतान, भंडारण क्षमता विस्तार और मक्का खरीद लक्ष्य बढ़ाने सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए हैं।

डॉ. पाण्डेय ने केंद्र से 118 करोड़ रुपये के सब्सिडी दावों और 632 करोड़ रुपये से अधिक के लंबित भुगतान के शीघ्र निस्तारण की मांग की, साथ ही कई जिलों में एफसीआई की भंडारण क्षमता बढ़ाने और आवश्यकता पड़ने पर मक्का खरीद का लक्ष्य बढ़ाने का अनुरोध किया।

उन्‍होंने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि पिछले वर्षों के खाद्यान्न खरीद प्रस्तावों से संबंधित कई स्वीकृतियां अभी लंबित हैं, जिससे मंडी समितियों और अन्य संस्थाओं के भुगतान प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने मक्का और बाजरा खरीद के लिए राज्य सरकार द्वारा भेजे गए लगभग 118 करोड़ रुपये के सब्सिडी दावों के शीघ्र निस्तारण की मांग की।

उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) के तहत परिवहन, हैंडलिंग और अन्य व्यवस्थाओं पर राज्य सरकार द्वारा किए गए व्यय के बदले केंद्र के पास 632 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान लंबित है। इससे खरीद और वितरण व्यवस्था पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव पड़ रहा है।

बैठक में डॉ. पाण्डेय ने प्रदेश में गेहूं खरीद अभियान की सफलता का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष खरीदे गए कुल गेहूं का लगभग 72 प्रतिशत भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) को हस्तांतरित किया जा चुका है, जबकि शेष स्टॉक के सुरक्षित भंडारण और समयबद्ध उठान के लिए अतिरिक्त व्यवस्थाओं की आवश्यकता है। उन्होंने एफसीआई की भंडारण क्षमता बढ़ाने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया।

मंत्री के अनुसार प्रयागराज, अयोध्या, झांसी, जालौन, ललितपुर, चित्रकूट, उन्नाव, चंदौली और बहराइच समेत कई जिलों में मौजूदा भंडारण क्षमता पर्याप्त नहीं है, जिसके कारण भविष्य में खरीद अभियानों पर असर पड़ सकता है। उन्होंने इन जिलों में अतिरिक्त गोदामों की व्यवस्था किए जाने की मांग की।

धान खरीद के बाद कस्टम मिल्ड राइस (सीएमआर) के निस्तारण में प्रदेश की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए डॉ. पाण्डेय ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने लगभग 99 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया है, जो खाद्यान्न प्रबंधन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मक्का खरीद के संबंध में उन्होंने बताया कि प्रदेश में खरीद प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और केंद्र सरकार ने 25 हजार मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है।

उन्होंने कहा कि यदि किसानों की उपज अधिक मात्रा में खरीद केंद्रों पर आती है तो राज्य सरकार लक्ष्य बढ़ाने का अनुरोध करेगी, ताकि किसी भी किसान को अपनी उपज औने-पौने दाम पर बेचने के लिए मजबूर न होना पड़े। डॉ. मनोज कुमार पाण्डेय ने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर किसानों, सहकारी संस्थाओं तथा खाद्यान्न खरीद एवं वितरण प्रणाली को आवश्यक राहत प्रदान करेगी।

--आईएएनएस

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