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बसवराज के इस्लाम वाले बयान पर प्रियांक खड़गे का बचाव, बोले- इसमें गलत क्या है?

बसवराज

बेंगलुरु, 31 अगस्त (आईएएनएस)। कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खड़गे ने उच्च शिक्षा मंत्री बसवराज रायरेड्डी के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने इस्लाम को सर्वश्रेष्ठ बताया था। प्रियांक खड़गे ने सोमवार को इस प्रकरण को कम महत्वपूर्ण बताते हुए सवाल पूछा कि आखिर इस बयान में गलत क्या है? आखिर हमें हर धर्म में कुछ ना कुछ सीखने को मिलता ही है।

बेंगलुरु में पत्रकारों से बात करते हुए खड़गे ने कहा, बसवराज रायरेड्डी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि इस्लाम समेत हर धर्म में कुछ न कुछ सीखने को मिलता है। इस्लाम, बौद्ध धर्म, जैन धर्म या नास्तिकता के कुछ ऐसे पहलू हैं, जिन्हें कोई भी अपना सकता है और अपनाना चाहिए। इसमें क्या गलत है?”

उन्होंने कहा कि रायरेड्डी ने अपनी टिप्पणियों में स्पष्ट रूप से कहा था कि इस्लाम, बौद्ध धर्म और हिंदू धर्म सहित प्रत्येक धर्म के पास कुछ न कुछ देने के लिए है।

प्रियांक खड़गे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत का जिक्र करते हुए कहा, “भाजपा के नेता अपने ही भागवत जी पर हमला क्यों कर रहे हैं? आजकल वे मोहन भागवत की बात भी नहीं सुनते।”

प्रियांक खड़गे ने कहा कि रायरेड्डी नियमित रूप से पूजा स्थलों पर नहीं जाते थे और उन्होंने दावा किया कि वह मंत्री को व्यक्तिगत रूप से जानते थे। उन्होंने कहा, "वह मस्जिदों, गिरजाघरों या मंदिरों में नहीं जाते। मैं उन्हें जानता हूं।"

भाजपा पर निशाना साधते हुए खड़गे ने कहा, "अब भाजपा आरएसएस से भी बड़ी हो गई है।"

भागवत की मुसलमानों और इस्लाम पर हालिया टिप्पणियों का जिक्र करते हुए खड़गे ने कहा, "जब आरएसएस प्रमुख कह रहे हैं कि आप इस्लाम या मुसलमानों को भारत से बाहर नहीं कर सकते, तो ये कौन से चापलूस हैं, जो कह रहे हैं कि नहीं, रायरेड्डी जो कह रहे हैं वह गलत है?"

उन्होंने मोहन भागवत के बयान के बाद भाजपा पर भ्रमित होने का भी आरोप लगाया।

प्रियांक खड़गे ने कहा, “ये वही लोग हैं, जिन्होंने कहा था कि आपको पाकिस्तान के साथ शांति वार्ता जारी रखनी चाहिए। मोहन भागवत के बयान के बाद भाजपा के लोग अब असमंजस में हैं।”

यह विवाद तब शुरू हुआ, जब रायरेड्डी ने कुकानुर में पैगंबर मुहम्मद के जन्मदिवस के अवसर पर मुस्लिम समुदाय के सदस्यों के लिए आयोजित एक मुफ्त सामूहिक विवाह समारोह में बोलते हुए इस्लाम की प्रशंसा की और कहा कि लोगों को विभिन्न धर्मों का अध्ययन करना चाहिए और उनके इतिहास को समझना चाहिए।

रायरेड्डी ने कहा, “इस्लाम एक महान धर्म है,” और साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस्लाम के बारे में कई गलत धारणाएं फैलाई जा रही हैं। उन्होंने कुरान का अध्ययन करने की इच्छा व्यक्त की और हज यात्रा करने की इच्छा जताई।

उन्होंने कहा, “हमें धर्मों का अध्ययन करना चाहिए और उनके पीछे के इतिहास को समझना चाहिए। मेरी हज यात्रा करने की इच्छा है, लेकिन मुझे अभी तक अवसर नहीं मिला है।”

रायरेड्डी ने यह भी कहा कि कुरान संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए है और इसे कोई भी पढ़ सकता है। उन्होंने इस्लाम को वैज्ञानिक प्रकृति का बताया और कहा कि यह लोगों को सिखाता है कि मनुष्य को कैसे जीना चाहिए।

उन्होंने कहा कि लोगों को धार्मिक कट्टरपंथी या जातिवादी नहीं बनना चाहिए और इस बात पर जोर दिया कि सभी धर्मों में अच्छे सिद्धांत मौजूद हैं।

उन्होंने कहा, "इस्लाम एक ऐसा धर्म है, जो मानवता को दृढ़ता से बढ़ावा देता है और साथ ही यह भी जोड़ा कि केवल मस्जिद जाना और "अल्लाहू अकबर" कहना पर्याप्त नहीं है, ठीक उसी तरह जैसे मंदिरों में अनुष्ठानों का पालन करना ही काफी नहीं है।

उनके इस बयान ने एक राजनीतिक विवाद को जन्म दिया, जिसमें भाजपा नेताओं ने उनके बयान पर सवाल उठाए और कांग्रेस सरकार की आलोचना की।

--आईएएनएस

एसएचके/वीसी