नई दिल्ली, 31 अगस्त (आईएएनएस)। कर्नाटक के मंत्री बसवराज रायरेड्डी ने हाल ही में बयान दिया है कि इस्लाम सब धर्मों में श्रेष्ठ है। सबको मस्जिद जाना चाहिए। बसवराज के इस बयान पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद, कांग्रेस नेता उदित राज, सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा और जगत गुरु परमहंस आचार्य ने प्रतिक्रिया दी।
इमरान मसूद ने कहा, "भारत की संस्कृति यही है, सबका सम्मान करना। सबको प्यार की नजर से देखना। यह भारतीय संस्कृति का अहम हिस्सा है। किसी के लिए भी मन में नफरत नहीं रखनी चाहिए। धर्म यही सिखाता है। कोई भी धर्म इंसानियत का संदेश देता है। जिन लोगों को इस्लाम के बारे में गलतफहमियां हैं, उन्हें इसे पढ़ना चाहिए तो आप समझ जाएंगे।"
कर्नाटक के मंत्री के बयान पर कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा, "भारत अभिव्यक्ति की आजादी की गारंटी देता है। यह उनकी पसंद और निजी राय है। कोई ईसाई धर्म को महान मान सकता है। कोई यहूदी धर्म को, कोई इस्लाम को, कोई हिंदू धर्म को या कोई बौद्ध धर्म को, यह उनका निजी मामला है। उनकी समझ उनके नजरिए पर आधारित है, इसलिए उनसे सीधे पूछा जाना चाहिए। वरना यह पूरी तरह से उनकी निजी पसंद है।"
सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने कहा, "भारत का संविधान हर नागरिक को अपने धर्म और आस्था को मानने की आजादी देता है। यह उनका अधिकार है और हम किसी के अधिकार का उल्लंघन नहीं कर सकते। अगर कोई मक्का जाना चाहता है तो वह ऐसा करने के लिए आजाद है। हालांकि उन्हें वहां के सभी नियमों और कानूनों का पालन करना चाहिए। इससे किसी को कोई समस्या नहीं है।"
वहीं, जगत गुरु परमहंस आचार्य ने कर्नाटक के मंत्री बसवराज रायरेड्डी की इस्लाम की प्रशंसा करने वाली टिप्पणी की आलोचना की और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।
जगत गुरु परमहंस आचार्य ने कहा, "कर्नाटक के उच्च शिक्षा मंत्री का यह बयान कि इस्लाम सभी धर्मों से श्रेष्ठ है, उनकी मूर्खता को दर्शाता है। मंत्री को पता होना चाहिए कि इस्लाम धर्म ही नहीं है। अगर इस्लाम धर्म होता तो उसमें कोई धर्माचार्य होता। इस्लाम में मौलवी और इमाम और पीर होते हैं। इस्लाम धर्म नहीं, मजहब है। कर्नाटक के मंत्री का बयान साजिश और मूर्खतापूर्ण है। मंत्री के खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज होना चाहिए।"
--आईएएनएस
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