धारवाड़ (कर्नाटक), 13 जून (आईएएनएस)। कर्नाटक पुलिस ने शनिवार को कथित लव जिहाद मामले और हाल ही में धारवाड़ से सामने आई एक नाबालिग दलित लड़की की आत्महत्या के संबंध में एक सर्किल पुलिस इंस्पेक्टर (सीपीआई) को सस्पेंड कर दिया।
सस्पेंड किए गए सीपीआई का नाम शिवयोगी लोहार है। धारवाड़ की पुलिस अधीक्षक (एसपी) गुंजन आर्या ने इस संबंध में सस्पेंशन का आदेश जारी किया।
यह कार्रवाई धारवाड़ जिले में एक नाबालिग लड़की की मौत की जांच में ड्यूटी में लापरवाही के आरोपों के कारण की गई है। इस मामले में 'लव जिहाद' और मामले को दबाने की कोशिश के आरोप लगे हैं।
'बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण' (पॉक्सो) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था, लेकिन गिरफ्तारी में देरी और जांच के तरीके को लेकर सवाल उठे।
संबंधित पुलिस पर मामले में सही तरीके से कार्रवाई न करने और ठीक से जांच करने के बजाय समझौता कराने की कोशिश करने के आरोप लगे।
यह कार्रवाई हिंदू संगठनों और पीड़िता के परिवार के बढ़ते दबाव के बीच की गई है। परिवार ने पुलिस पर लड़की के माता-पिता को नजरअंदाज करने और मामले को दबाने की कोशिश करने का आरोप लगाया था।
बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। इसके अगले दिन सस्पेंशन का आदेश जारी किया गया।
यह मामला धारवाड़ तालुक के एक गांव की नाबालिग दलित लड़की से जुड़ा है। आरोप है कि एक मुस्लिम युवक द्वारा मानसिक रूप से परेशान किए जाने के बाद उसने 8 मई को कीटनाशक खा लिया था। उसे कर्नाटक मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (केएमसीआरआई) में भर्ती कराया गया था, लेकिन इलाज के दौरान 9 मई को उसकी मौत हो गई।
यौन शोषण और 'लव जिहाद' के आरोपों के बाद पुलिस ने बुधवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार लोगों की पहचान हनुमानाकोप्पा गांव के 25 वर्षीय नईम बेग जोरमनावर और उप्पिनाबेटागेरी गांव के 22 वर्षीय सोहेल मुल्ला के रूप में हुई है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांचकर्ताओं ने आरोपियों के मोबाइल फोन से तस्वीरें और अश्लील वीडियो बरामद किए हैं, जिनसे नाबालिग के यौन शोषण का संकेत मिलता है।
इस हफ्ते की शुरुआत में श्रीराम सेना के प्रमुख प्रमोद मुतालिक ने लड़की की मौत के एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठाए थे। उन्होंने गराग गांव का भी दौरा किया और पीड़ित के परिवार वालों से मुलाकात की।
बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) समेत हिंदुत्ववादी संगठनों ने इस घटना के विरोध में प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। वे आरोपियों के साथ-साथ जांच में लापरवाही के लिए कथित तौर पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पुलिस ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है।
--आईएएनएस
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