केरल पीएससी भर्ती विवाद : पूरे राज्य में भाजपा की युवा शाखा ने तेज किया आंदोलन

केरल पीएससी भर्ती विवाद : पूरे राज्य में भाजपा की युवा शाखा ने तेज किया आंदोलन

तिरुवनंतपुरम, 7 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की युवा शाखा, युवा मोर्चा ने शुक्रवार को केरल लोक सेवा आयोग (पीएससी) में कथित अनियमितताओं को लेकर अपना राज्यव्यापी आंदोलन तेज कर दिया। उन्होंने लंबित भर्तियों और राज्य की प्रमुख भर्ती एजेंसी से जुड़े आरोपों को संभालने के तरीके को लेकर वीडी. सतीशन के नेतृत्व वाली सरकार पर दबाव बढ़ाया।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के. सुरेंद्रन ने सचिवालय तक युवा मोर्चा के मार्च की शुरुआत करते हुए राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार पिछली एलडीएफ सरकार के कार्यकाल में सामने आई कथित अनियमितताओं की व्यापक जांच का आदेश देने में विफल रही है। साथ ही, नियुक्ति का इंतजार कर रहे हजारों पीएससी रैंक होल्डर्स की चिंताओं को भी नजरअंदाज किया है।

सुरेंद्रन ने आरोप लगाया कि आयोग के इतिहास में कुछ सबसे गंभीर आरोप उस समय से जुड़े हैं जब पीएससी का नेतृत्व पिछली एलडीएफ सरकार द्वारा नियुक्त चेयरमैन और सदस्यों के हाथों में था।

राज्य भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि मौजूदा प्रशासन ने जवाबदेही तय करने या जिम्मेदार लोगों को सजा दिलाने में बहुत कम दिलचस्पी दिखाई है।

युवा मोर्चा ने हाल के सप्ताह में पूरे केरल में विरोध प्रदर्शन आयोजित किए हैं और पीएससी के मुद्दे को नई चुनी हुई यूडीएफ सरकार के खिलाफ अपने मुख्य अभियानों में से एक बना लिया है।

संगठन कथित अनियमितताओं की गहन जांच, भर्ती का एक समय-सीमा वाला शेड्यूल और योग्य रैंक होल्डर्स के लिए तत्काल नियुक्ति की मांग कर रहा है।

मुख्यमंत्री वीडी सतीशन पर तीखा हमला करते हुए सुरेंद्रन ने याद दिलाया कि विपक्ष के नेता के तौर पर सतीशन ने पीएससी रैंक होल्डर्स से वादा किया था कि अगर यूडीएफ सत्ता में आती है तो उन्हें कभी भी सचिवालय के बाहर विरोध प्रदर्शन नहीं करना पड़ेगा।

प्रदेश भाजपा प्रमुख ने कहा, "आज, वही उम्मीदवार एक बार फिर सेक्रेटेरिएट के सामने विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। राज्य सरकार ने न तो उन्हें बातचीत के लिए बुलाया है और न ही नियुक्तियों के लिए कोई स्पष्ट समय-सीमा घोषित की है।"

सुरेंद्रन ने डीवाईएफआई सहित वाम-समर्थित युवा संगठनों की चुप्पी पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि इस मुद्दे को उठाने में उनकी हिचकिचाहट इस बात से जुड़ी है कि आरोपों का सामना कर रहे पीएससी नेतृत्व को पिछली एलडीएफ सरकार के दौरान नियुक्त किया गया था।

पीएससी रैंक होल्डर्स के लिए युवा मोर्चा के समर्थन को दोहराते हुए, सुरेंद्रन ने कहा कि युवा विंग तब तक अपना राज्यव्यापी आंदोलन जारी रखेगा, जब तक कि कथित अनियमितताओं की जांच नहीं हो जाती और योग्य उम्मीदवारों को नियुक्तियां नहीं मिल जातीं।

पूरे केरल में विरोध प्रदर्शनों के जोर पकड़ने के साथ, पीएससी विवाद तेजी से नई यूडीएफ सरकार के लिए एक बड़ी राजनीतिक चुनौती के रूप में उभर रहा है।

--आईएएनएस

एससीएच/एबीएम