नई दिल्ली, 5 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने शनिवार को कांग्रेस पर निशाना साधा और उसे 'अनुसूचित जाति विरोधी' एवं 'महिला विरोधी' बताया। यह आरोप केरल में कांग्रेस की एक दलित महिला विधायक पर कथित तौर पर कांग्रेस के ही कार्यकर्ताओं द्वारा हमले के बाद लगाया गया है।
प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कथित घटना का वीडियो पोस्ट करते हुए कांग्रेस पर कटाक्ष किया और कहा, "कांग्रेस केरल में पितृसत्ता को कुचल रही है।"
भाजपा नेता लोकसभा में विपक्ष के नेता (एलओपी) राहुल गांधी द्वारा पुणे में अपने 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में दिए गए 'पितृसत्ता को खत्म करो' वाले बयान का जिक्र कर रहे थे।
प्रदीप भंडारी ने कहा, "उनकी अपनी दलित महिला विधायक रम्या हरिदास पर उनके ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हमला किया।"
भाजपा नेता ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए आगे कहा, "कांग्रेस 'अनुसूचित जाति विरोधी' और 'महिला विरोधी' है!"
इससे पहले शनिवार को, भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने भी राहुल गांधी की 'पितृसत्ता को खत्म करो' वाली टिप्पणी पर निशाना साधा था, जिसमें उन्होंने कांग्रेस शासित राज्यों में महिला मंत्रियों की कम संख्या और तेलंगाना मंत्रिमंडल से एक महिला मंत्री (कोंडा सुरेखा) को हटाए जाने का जिक्र किया था।
सुधांशु त्रिवेदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "'पितृसत्ता को खत्म करो, पितृसत्ता को खत्म करो' के नारे लगाकर वे (कांग्रेस) एक-एक करके महिला मंत्रियों को हटा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, भारत के इतिहास में सबसे अधिक महिला मंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में कार्यरत हैं।"
22 अगस्त को पुणे में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने महिलाओं को राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति बताया था।
लोकसभा सांसद ने कहा, “आप इस देश की नींव हैं, इसका भविष्य हैं। पितृसत्ता आपको कुचलती है, डराती है, नियंत्रित करती है। हमें इस पितृसत्ता को खत्म करने के लिए मिलकर काम करना होगा। पितृसत्ता को कुचल दो। मेरा संदेश आपके लिए एक सरल संदेश है: मुखर हो जाओ, गर्व करो और समाज में अपनी जगह के लिए लड़ो।”
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि महिलाएं किसी और की नहीं बल्कि केवल अपनी ही होती हैं और युवा महिलाओं से 'पिंजरे को तोड़ने' का आग्रह किया।
राहुल गांधी ने आगे कहा कि जहां कई लोग अर्थव्यवस्था या सेना को भारत की मुख्य ताकत मानते हैं, वहीं उनका मानना है कि देश की सबसे बड़ी संपत्ति इसकी 70 करोड़ महिलाओं के विचारों और सपनों में निहित है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि महिलाओं में स्वाभाविक रूप से अधिक संवेदनशीलता, कोमलता और सहानुभूति होती है।
इसके अलावा, कांग्रेस सांसद ने मनुस्मृति जैसे पारंपरिक ढांचों की आलोचना करते हुए कहा था कि ये महिलाओं को कठोर भूमिकाओं तक सीमित कर देते हैं (जैसे कि केवल बेटी, पत्नी या मां के रूप में पहचाना जाना), और कहा था, "महिलाएं किसी पुरुष की नहीं हैं, आप केवल अपनी हैं।"
--आईएएनएस
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