केरल लोक सेवा आयोग को बड़ा झटका, प्रश्न पत्र गड़बड़ी के कारण भर्ती परीक्षा रद्द

केरल लोक सेवा आयोग को बड़ा झटका, प्रश्न पत्र गड़बड़ी के कारण भर्ती परीक्षा रद्द

अलाप्पुझा, 18 जुलाई (आईएएनएस)। हाल ही में हुई भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर पहले से ही जांच के दायरे में चल रहे केरल लोक सेवा आयोग (पीएससी) को शनिवार को एक और झटका लगा है। यह झटका उस समय लगा जब अलाप्पुझा के एक परीक्षा केंद्र पर प्रश्नपत्र में गड़बड़ी के चलते उसे राज्यव्यापी भर्ती परीक्षा रद्द करनी पड़ी।

रद्द की गई परीक्षाएं लास्ट ग्रेड सर्वेंट्स (एलजीएस) और स्टोरमैन की भर्ती परीक्षाएं थीं। ये परीक्षाएं शनिवार दोपहर 2 बजे आयोजित होने वाली थीं और जिनके लिए न्यूनतम योग्यता एसएसएलसी थी। पीएससी ने तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए परीक्षा रद्द करने की घोषणा की।

यह गड़बड़ी अलाप्पुझा के लाजनाथ स्कूल परीक्षा केंद्र पर हुई, जहां अधिकारियों ने गलती से दोपहर के सत्र के लिए निर्धारित प्रश्नपत्र सुबह की परीक्षा में उपस्थित उम्मीदवारों को वितरित कर दिया।

विभिन्न सरकारी पदों के लिए प्रारंभिक परीक्षा में बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के उपस्थित होने के कारण परीक्षा को दो सत्रों में विभाजित किया गया था।

खबरों के मुताबिक, यह गलती सुबह की परीक्षा समाप्त होने के बाद ही सामने आई, जिसके चलते पीएससी के पास राज्य भर में दोपहर के सत्र की परीक्षा रद्द करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा।

आयोग ने कहा है कि परीक्षा की नई तारीखें बाद में घोषित की जाएंगी। इस रद्द होने से उन हजारों उम्मीदवारों को भारी असुविधा हुई है जिन्होंने परीक्षा की तैयारी में महीनों बिताए थे और अपने-अपने केंद्रों पर पहुंच चुके थे।

इस घटना के बाद परीक्षा के संचालन में हुई एक बड़ी प्रशासनिक और सुरक्षा लापरवाही की विस्तृत जांच की मांग भी उठाई गई है। पीएससी के लिए यह ताजा शर्मिंदगी ऐसे समय में सामने आई है जब अपराध शाखा केरल राज्य योजना बोर्ड में विवादास्पद भर्ती से जुड़े आरोपों की जांच कर रही है।

यह विवाद तब शुरू हुआ जब पता चला कि रैंक लिस्ट को अंतिम रूप देने से पहले कथित तौर पर 10 उत्तरों का मूल्यांकन नहीं किया गया था, जबकि एक वामपंथी संगठन के नेता ने प्रथम स्थान प्राप्त किया था।

राज्य सूचना आयोग ने हाल ही में पीएससी को निर्देश दिया है कि वह भर्ती से संबंधित उन सभी दस्तावेजों को सात दिनों के भीतर सौंप दे जिन्हें सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत उम्मीदवारों से छिपाकर रखा गया था। इस आदेश के बाद क्राइम ब्रांच ने जांच शुरू कर दी है।

--आईएएनएस

एमएस/