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कैप्टिव और वाणिज्यिक खदानों से उत्पादन जुलाई में 9.6 प्रतिशत बढ़ा : केंद्र

कैप्टिव और वाणिज्यिक खदानों से उत्पादन जुलाई में 9.6 प्रतिशत बढ़ा : केंद्र

नई दिल्ली, 3 अगस्त (आईएएनएस)। भारत के कैप्टिव और वाणिज्यिक खदानों से उत्पादन जुलाई में सालाना आधार पर 9.6 प्रतिशत बढ़कर 14.78 मिलियन टन (एमटी) हो गया है। यह जानकारी कोयल मंत्रालय की ओर से सोमवार को दी गई।

इस दौरान कैप्टिव और वाणिज्यिक खदानों से कोयले की आपूर्ति 17.49 मिलियन टन तक पहुंच गई है।

कोयला मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया,"यह उत्साहजनक प्रदर्शन कैप्टिव और वाणिज्यिक कोयला खनन क्षेत्र में परिचालन दक्षता के सुधार, खनन उत्पादकता में वृद्धि और खनन क्षमताओं के अधिक प्रभावी उपयोग का परिचायक है।"

सरकारी डेटा में बताया गया कि कैप्टिव और वाणिज्यिक खदानों से चालू वित्त वर्ष की शुरुआत से जुलाई तक संचयी उत्पादन 63.16 मिलियन टन रहा है, जो कि पिछले साल के समान अवधि के आंकड़े 59.42 मिलियन टन से 6.2 प्रतिशत अधिक है।

वहीं, चालू वित्त वर्ष की शुरुआत से जुलाई तक कोयले की संचयी आपूर्ति 70.14 मिलियन टन रही है, जो कि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के आंकड़े 66.02 मिलियन टन से 5.8 प्रतिशत अधिक है।

मंत्रालय के बयान के मुताबिक, कैप्टिव और वाणिज्यिक खदानों से उत्पादन में सतत वृद्धि के चलते आयातित कोयले पर निर्भरता में कमी आएगी, जिससे आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होगी, विदेशी मुद्रा की बचत होगी, और देश की ऊर्जा सुरक्षा एवं औद्योगिक विकास के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण कच्चे माल में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। इससे सरकार के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को बल मिलने की उम्मीद है।

आगे कहा गया कि कोयला मंत्रालय कैप्टिव और वाणिज्यिक कोयला खनन क्षेत्र की पूरी क्षमता का दोहन करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। प्रगतिशील नीतिगत पहल, सशक्त नियामक देखरेख और हितधारकों के निरंतर समर्थन के माध्यम से मंत्रालय उत्पादन वृद्धि को सुनिश्चित करने, आपूर्ति से संबंधित बाधाओं को खत्म करने और कोयले की उपलब्धता सुधारने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा। इसके साथ ही, मंत्रालय यह भी सुनिश्चित करेगा कि कोयला क्षेत्र देश की बढ़ती ऊर्जा एवं औद्योगिक जरूरतों को पूरा करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहे।

--आईएएनएस

एबीएस