कन्नूर, 23 जुलाई (आईएएनएस)। केरल के कन्नूर में एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। बागी विधायक वी. कुंजीकृष्णन के प्रमुख समर्थक और माकपा (सीपीआई-एम) के पूर्व सदस्य टी. पुरुषोत्तमन के झींगा फार्म में आगजनी की घटना के बाद विधानसभा चुनाव के बाद से पार्टी के भीतर चल रहा आंतरिक संकट और गहरा गया है।
यह घटना ऐसे समय हुई है, जब सीपीआई(एम) का राष्ट्रीय और राज्य नेतृत्व विधानसभा चुनाव में वाम मोर्चे की करारी हार की समीक्षा कर रहा है। इन चुनावों में 140 सदस्यीय केरल विधानसभा में पार्टी की सीटें 99 से घटकर सिर्फ 35 रह गईं।
कन्नूर को लंबे समय से सीपीआई(एम) का सबसे मजबूत संगठनात्मक जिला माना जाता रहा है, लेकिन, हाल की घटनाओं ने पार्टी की चिंता बढ़ा दी है। पार्टी के दो पारंपरिक गढ़ पय्यन्नूर और तालिपरंबा में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ समर्थित बागी उम्मीदवारों की जीत ने पार्टी के भीतर गहरी फूट को उजागर कर दिया है।
यह घटना पय्यन्नूर के कंदनकली इलाके में हुई, जहां आधी रात के कुछ देर बाद झींगा पालन के उपकरण रखने वाले एक शेड में आग लगा दी गई।
गुरुवार सुबह जब पुरुषोत्तमन झींगों को चारा देने के लिए अपने फार्म पहुंचे, तब उन्हें घटना की जानकारी हुई। झींगा पालन का सामान रखने वाला शेड पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया। उसमें झींगा चारा, जाल, परिवहन के बक्से, पाइप और ट्रे रखी थीं।
पुरुषोत्तमन ने आरोप लगाया कि झींगों के बच्चों को मारने की नीयत से तालाब में किसी अज्ञात तरल पदार्थ को मिलाया गया। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि इस हमले को अंजाम देने के लिए किसी विस्फोटक पदार्थ का इस्तेमाल किया गया।
यह उन पर दूसरा हमला है। इससे पहले विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान उनके घर पर हमला किया गया था और उनकी कार में आग लगा दी गई थी। बाद में इस मामले में सीपीआई (एम) के पांच कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था।
पुरुषोत्तमन ने आरोप लगाया कि ताजा हमला राजनीतिक वजहों से कराया गया है। उन्होंने इसके लिए पूर्व विधायक टी.आई. मधुसूदनन को जिम्मेदार ठहराते हुए दावा किया कि हाल के दिनों में उन्होंने सार्वजनिक तौर पर उन्हें निशाना बनाया था।
उन्होंने आरोप लगाया, "पिछले कुछ दिनों से सीपीआई (एम) कार्यकर्ता उन लोगों पर हमला करने की योजना बना रहे थे, जिन्होंने वी. कुंजीकृष्णन का समर्थन किया था। पूर्व विधायक के मेरे खिलाफ बोलने के बाद सोशल मीडिया पर भी मेरे खिलाफ लगातार अभियान चलाया गया। यह हमला उसी के बाद हुआ।"
उन्होंने कहा कि पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई जाएगी। इस घटना से सीपीआई(एम) नेतृत्व की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। पार्टी पहले ही दशकों की सबसे बड़ी चुनावी हार के असर और कन्नूर में अपने कभी मजबूत रहे गढ़ में बढ़ती अंदरूनी कलह का सामना कर रही है।
--आईएएनएस
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