कोलकाता, 12 जुलाई (आईएएनएस)। कोलकाता पुलिस ने शहर में चल रहे नकली कॉल सेंटरों का भंडाफोड़ करते हुए 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए लोग नामी कंपनियों के प्रतिनिधि बनकर लोन दिलाने का झांसा देकर लोगों से धोखाधड़ी कर रहे थे। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को बताया कि उनके पास से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, सिम कार्ड और एक लैपटॉप बरामद किया गया है।
पुलिस के अनुसार, कम ब्याज दरों पर जल्दी लोन दिलाने के बहाने लोगों को बार-बार ठगा जा रहा था।
कोलकाता पुलिस के पोर्ट डिवीजन के साइबर सेल और मेटियाब्रुज पुलिस स्टेशन के एक जॉइंट ऑपरेशन में इस रैकेट से जुड़े 10 धोखेबाजों को कोलकाता के बोबाजार और पटुलिया इलाकों से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार, मेटियाब्रुज पुलिस स्टेशन के इलाके में रहने वाली एक महिला ने हाल ही में शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि धोखेबाजों ने खुद को 'टाटा कैपिटल फाइनेंस' का कर्मचारी बताकर उसे 2.18 लाख रुपए का लोन दिलाने का लालच दिया।
उसका भरोसा जीतने के लिए धोखेबाजों ने टाटा कैपिटल के नकली दस्तावेज और एक नकली डिमांड ड्राफ्ट भी बनाया। फिर उन्होंने प्रोसेसिंग फीस, इंश्योरेंस चार्ज और डॉक्यूमेंटेशन फीस के नाम पर पैसे मांगे। उनके झांसे में आकर शिकायतकर्ता ने किस्तों में कुल 25,450 रुपए सफर कर दिए। हालांकि, उसे वादा किया गया लोन नहीं मिला। ठगी का एहसास होने पर महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पोर्ट डिवीजन के साइबर सेल ने जांच के दौरान टेक्निकल सर्विलांस का इस्तेमाल किया और आरोपियों की लोकेशन का पता लगाया। इसके बाद मेटियाब्रुज पुलिस स्टेशन और साइबर सेल के अधिकारियों की एक स्पेशल टीम बनाई गई।
9 जुलाई को जांचकर्ताओं ने बोबाजार पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में दो अलग-अलग जगहों पर एक साथ तलाशी ली, जहां लोन देने के नाम पर चल रहे दो नकली कॉल सेंटर मिले। मौके से नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया। हालांकि, चल रही जांच को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने उस समय गिरफ्तारियों के बारे में जानकारी नहीं दी।
पूछताछ के दौरान, गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि यह नेटवर्क और भी बड़ा है। उनकी जानकारी के आधार पर, शनिवार को पटुली पुलिस स्टेशन इलाके से सुधीर महतो नाम के एक और आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जिससे इस मामले में गिरफ्तार लोगों की कुल संख्या 10 हो गई।
पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस रैकेट से और कौन-कौन जुड़ा है और कितने लोगों को ठगा गया है। आरोपियों के पास से कुल 48 कीपैड मोबाइल फोन, एक स्मार्टफोन, एक लैपटॉप, छह सिम कार्ड, दो नकली रबर स्टैम्प और कई फोन नंबर बरामद किए गए हैं। रैकेट में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के लिए आगे की जांच जारी है।