लखनऊ, 2 जुलाई (आईएएनएस)। राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओपी राजभर ने कहा है कि मुख्यमंत्री पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दोषियों पर कार्रवाई भी हो रही है, आठ लोगों को पकड़ा गया है।
उन्होंने कहा कि कोई भी दोषी बचना नहीं चाहिए और जो भी संदिग्ध लोग हैं, उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। सरकार ने एसआईटी का गठन किया है। जांच चल रही है।
'वीबी जी राम जी' योजना के लागू होने पर उन्होंने कहा कि जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं, उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। सौ दिन की जगह अब 125 दिन रोजगार मिलेगा। अगर किसी व्यक्ति को काम नहीं मिलता है तो वह प्रधान को एक पत्र देगा। 15 दिन के अंदर अगर काम नहीं मिलता है तो उसे बेरोजगारी भत्ता मिलेगा।
उन्होंने कहा कि खेती के मुख्य समय में इस योजना को बंद रखा गया है, जिससे लोगों को किसानों की मदद करने का भी मौका मिले। इस तरह सरकार की मंशा है कि काम बेहतर हो। जो लोग इसे नहीं समझ पा रहे हैं, वही इसका विरोध कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जानकारी के अभाव में मंडल आयोग का विरोध भी उन्हीं लोगों ने किया था, जिन लोगों के लिए इसे लाया गया था। इसके साथ ही सीएए-एनआरसी का भी विरोध हुआ और बाद में उन्हें सच्चाई पता चली। विपक्ष के विरोध का अब कोई मतलब नहीं रह गया है।
'इंडिया' गठबंधन पर ओपी राजभर ने कहा कि कांग्रेस एक राष्ट्रीय पार्टी है और सभी सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। सपा एक क्षेत्रीय पार्टी है। अखिलेश यादव डबल तैयारी की बात कर रहे हैं। उन्हें पता है कि उनकी सरकार 2027 में नहीं आने वाली है और फिर उन्हें वापस लंदन ही जाना है। इसलिए वह पहले से ही अलर्ट हैं।
राम मंदिर मामले को लेकर सपा अध्यक्ष के बयान पर ओपी राजभर ने कहा कि उन्होंने सरकार के हर काम का विरोध करने का लक्ष्य बना लिया है। वह भी चाहते हैं कि दोषियों को सजा मिले। इसके लिए जांच होना जरूरी है। जल्दबाजी में फैसला नहीं लिया जाता। अगर कोई दोषी छूट गया तो उसका आरोप भी सरकार पर ही लगाया जाएगा।
पाकिस्तान और भारत के प्रधानमंत्रियों को लिखे गए पत्र को लेकर उन्होंने कहा कि भारत हमेशा शांति का संदेश देता रहा है। प्रयास यही रहता है कि सभी अमन-चैन से रहें और मिलकर रहें।
--आईएएनएस
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