वायनाड, 27 जून (आईएएनएस)। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने अयोध्या में राम मंदिर के लिए इकट्ठा किए गए चंदे की कथित चोरी को दुखद और शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि सरकार को इसकी गहन जांच करनी चाहिए और न केवल उन लोगों की जवाबदेही तय करनी चाहिए, जिन्होंने कथित तौर पर पैसे चुराए, बल्कि उन लोगों की भी, जिन्हें भक्तों द्वारा दिए गए चढ़ावे की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
प्रियंका ने कहा कि देश भर के लाखों लोगों ने आस्था और श्रद्धा के साथ मंदिर के लिए योगदान दिया है, इसलिए यह जरूरी है कि भक्तों द्वारा दान किए गए हर पैसे की सुरक्षा की जाए।
उन्होंने कहा कि यह वाकई दुखद है कि देश भर के लोगों ने नेक नीयत से दान दिया, और अगर उन्होंने यह योगदान दिया है तो फंड इकट्ठा करने और उसका प्रबंधन करने वालों की यह जिम्मेदारी है कि वे इसे सुरक्षित रखें।
इन आरोपों को शर्मनाक बताते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि इस मामले को कोई मामूली घटना कहकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और इसकी विश्वसनीय और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार को इसकी पूरी जांच करनी चाहिए और अगर महिलाओं, गरीबों और आम भक्तों ने आस्था और त्याग के साथ दान दिया है तो उस फंड की सुरक्षा होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि अगर पैसा इकट्ठा किया गया है तो उसे सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी भी बनती है।
प्रियंका ने कहा कि जवाबदेही सिर्फ कथित चोरी में सीधे तौर पर शामिल लोगों की पहचान करने तक ही सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इस बात की भी जांच होनी चाहिए कि क्या दान की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार सिस्टम में कोई लापरवाही हुई है।
प्रियंका गांधी ने कहा कि जनता के भरोसे से कभी समझौता नहीं किया जाना चाहिए और ऐसे दान को इकट्ठा करने और उसका प्रबंधन करने वालों की लोगों के प्रति पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही बनती है।
इस मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मंदिर से जुड़े दान और जमीन के लेन-देन में गड़बड़ी का आरोप लगाया और ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। उन्होंने कहा कि दोनों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए।