शिमला, 19 जून (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कांग्रेस पर नीट पेपर लीक के मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नीट मामले पर राजनीति कर रही है, पहले वे अपने गिरेबान में झांके कि उनकी सरकार में कितने पेपर लीक हुए।
शिमला में आईएएनएस से बात करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि मेरा मानना है कि नीट पेपर लीक होने की वजह से पूरे देश में असंतोष का माहौल है। इसके बावजूद यह भी ध्यान में रखा जाना चाहिए कि केंद्र सरकार ने बहुत गंभीर और कड़े कदम उठाए हैं। जिस तरह से प्रधानमंत्री ने मामले को गंभीरता से लिया है और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हो रही है, वह बहुत सख्त है। ऐसी कार्रवाई की जा रही है, जिससे भविष्य में पेपर लीक न हो पाए। जहां तक कांग्रेस के लोगों की बात है तो वे इसे आर्थिक नजरिए से मुद्दा बनाने की कोशिश में हैं, जो मुझे सही नहीं लगता। जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकार है, वहां कितने पेपर लीक हुए हैं।
उन्होंने कहा कि राजस्थान की कांग्रेस सरकार में लगभग 22 बार पेपर लीक हुए। छत्तीसगढ़ में भी करीब 18 पेपर लीक हुए थे। अगर हिमाचल प्रदेश की बात करें, तो हाल ही में पुलिस भर्ती परीक्षा हुई थी। परीक्षा हॉल में गए अधिकारियों ने बताया कि वहां बड़े पैमाने पर नकल हुई थी। हम लोगों ने कहा था कि इस पेपर को रद्द कर दिया जाना चाहिए, लेकिन पुलिस और सरकार ने उस मामले को दबा दिया। अब जब लोग कह रहे हैं कि अंदर बड़े पैमाने पर नकल हुई, 20 लोग पेपर हल करने के लिए जमा हुए थे, तो इससे बड़ा उदाहरण और क्या हो सकता है।
उन्होंने आगे कहा कि जब हमारी सरकार के दौरान पुलिस भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हुआ था, तो हमने सुबह 8:30 बजे ही घोषणा कर दी थी कि पेपर रद्द कर दिया जाएगा। दूसरी बात, एसआईटी का गठन किया गया। तीसरे दिन, मुझे लगा कि पुलिस जो कर रही है, वह जांच को सही दिशा में नहीं ले जाएगी तो मैंने सीबीआई को जांच सौंप दी। वर्तमान सरकार को सीबीआई जांच के आधार पर जिन अधिकारियों पर कार्रवाई करनी थी, उन्हें पदोन्नति दी गई और अहम पोस्टिंग दी गई। उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई। मुख्यमंत्री को इन सभी बातों का जवाब देना चाहिए। यूथ कांग्रेस के लोगों को जवाब देना चाहिए। हिमाचल प्रदेश के इतिहास में सुखविंदर सिंह सुक्खू ऐसे मुख्यमंत्री हैं, जो भ्रष्ट अधिकारियों के गलत काम करने पर उन्हें सिर्फ बचाते ही नहीं है बल्कि उन्हें प्रमोशन देते हैं।
हिमाचल की कांग्रेस सरकार पर तंज कसते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि कानून-व्यवस्था के बारे में क्या कहा जाए। प्रदेश में ऐसी इतनी घटनाएं हुई हैं कि आखिर इंसान सुरक्षित कहां है। ऊना में दिन-रात फायरिंग होती है और युवा मारे जाते हैं। सरकाघाट में एक 19 साल की लड़की कॉलेज जा रही थी, और उसका सिर धड़ से अलग कर दिया गया। दूसरी ओर, एक महिला के साथ हाल ही में घटना हुई, जो शिमला की रहने वाली थी। उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। महिला ने पहले ही लिखित रूप में अपना शक जाहिर किया था और शिकायत के साथ एक वीडियो भी रिकॉर्ड किया था कि पुलिस मुझे कब सुरक्षा देगी, कहीं वे मुझे मारकर भाग न जाएं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता और मुख्यमंत्री यह दिखाने में खुश हैं कि वे पकड़े गए हैं। आपने समय रहते कार्रवाई की होती तो वह महिला आज जिंदा होती। उसकी मौत के बाद आप इसका मजा ले रहे हैं। सरकार की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था नहीं है। सरकार राजनीतिक मुद्दों में बहुत ज्यादा उलझी हुई है और उसके पैरों तले जमीन खिसक गई है। हिमाचल प्रदेश में चारों तरफ निराशा का माहौल है, जिसे प्रदेश सरकार को समझना चाहिए।
--आईएएनएस
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