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जेपीएससी इंटरव्यू ‘मैनेज’ कराने के नाम पर 40 लाख की वसूली का आरोप, तत्कालीन सदस्य के पीए गिरफ्तार

जेपीएससी

रांची, 17 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही सीआईडी ने आयोग की तत्कालीन सदस्य डॉ अजीता भट्टाचार्य के निजी सहायक (पीए) बीएन राम को गिरफ्तार किया है। उन पर जेपीएससी के साक्षात्कार में अभ्यर्थियों को ‘मैनेज’ कराने और चयन सुनिश्चित कराने के नाम पर करीब 40 लाख रुपए की कथित वसूली करने का आरोप है।

जांच एजेंसी के अनुसार, बीएन राम की भूमिका को लेकर पहले से जांच चल रही थी। आरोप है कि साक्षात्कार में अधिक अंक दिलाने और अभ्यर्थियों का चयन सुनिश्चित कराने के नाम पर उनसे बड़ी रकम की मांग की गई थी। पूछताछ और अब तक सामने आए साक्ष्यों के आधार पर सीआईडी ने बीएन राम को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर वसूली गई रकम किस तरह ली गई और यह रकम किन-किन लोगों तक पहुंची।

साथ ही साक्षात्कार प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए किसी संगठित नेटवर्क के काम करने की आशंका की भी जांच की जा रही है। इधर, जेपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष एल ख्यांगते से भी सीआईडी ने लगातार दो दिनों तक पूछताछ की। पूछताछ पूरी होने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। आयोग में कथित अनियमितताओं, परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने और साक्ष्यों से कथित छेड़छाड़ से जुड़े मामलों में सीआईडी पहले से जांच कर रही है।

बीएन राम की गिरफ्तारी और एल ख्यांगते को जेल भेजे जाने के बाद जेपीएससी मामले की जांच में एक और महत्वपूर्ण कड़ी जुड़ गई है। जांच एजेंसी अब कथित लेन-देन, अभ्यर्थियों से संपर्क और साक्षात्कार प्रक्रिया में संभावित हस्तक्षेप से जुड़े तथ्यों को खंगाल रही है।

सीआईडी यह भी जांच कर रही है कि कथित तौर पर अभ्यर्थियों से रकम वसूलने में बीएन राम की भूमिका क्या थी और इसमें आयोग के तत्कालीन पदाधिकारियों अथवा अन्य लोगों की कोई संलिप्तता थी या नहीं। जेपीएससी-जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर झारखंड में छात्रों का आंदोलन सोमवार को 24वें दिन भी जारी है।

--आईएएनएस

एसएनसी/डीकेपी