रांची, 2 जुलाई (आईएएनएस)। झारखंड सरकार राज्य में निवेश बढ़ाने और विकास की नई संभावनाएं तलाशने के लिए विजन-2050 के तहत 8 और 9 जुलाई को नई दिल्ली में दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन आयोजित करेगी।
इस सम्मेलन में देश-विदेश के उद्योगपति, निवेशक, नीति-निर्माता और तकनीकी विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम में उद्योग, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), ई-गवर्नेंस और पर्यटन के क्षेत्र में निवेश और विकास पर चर्चा होगी।
गुरुवार को आईटी विभाग की सचिव पूजा सिंघल और उद्योग विभाग के सचिव अरवा राजकमल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर उन्हें इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का निमंत्रण दिया। इस मौके पर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के विशेष सचिव राजीव लोचन बक्शी भी मौजूद थे।
राज्य सरकार के अनुसार, सम्मेलन में उद्योग जगत से सुझाव लेने के लिए कई नई नीतियों के प्रारूप जारी किए जाएंगे। इनमें झारखंड एआई नीति, निवेश प्रोत्साहन नीति, पर्यटन नीति, टेक्सटाइल नीति, जियाडा नियमावली और पीपीपी नीति के ड्राफ्ट शामिल हैं। इसके अलावा कई नए ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किए जाएंगे और विभिन्न कंपनियों के साथ निवेश संबंधी समझौता (एमओयू) भी किया जाएगा।
पहले दिन डिजिटल गवर्नेंस, आईटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर विशेष चर्चा होगी। सरकार और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के बीच सीधे संवाद के जरिए राज्य में आईटी और एआई क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा। इस दौरान आईटी विभाग और कई कंपनियों के बीच समझौते भी होने की संभावना है।
दूसरे दिन उद्योग, निवेश और पर्यटन पर फोकस रहेगा। निवेशकों के सामने झारखंड की औद्योगिक और पर्यटन क्षमता को रखा जाएगा। नए उद्योग लगाने और निवेश बढ़ाने को लेकर कई बड़े औद्योगिक घरानों के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर होंगे।
इसी दौरान सरकार नई नीतियों के ड्राफ्ट और डिजिटल पोर्टल भी जारी करेगी। सरकार का कहना है कि इस आयोजन से राज्य में निवेश बढ़ेगा, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और झारखंड विजन-2050 के लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी।
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