धनबाद, 22 जून (आईएएनएस)। झारखंड के धनबाद स्थित भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की बैंक मोड़ मुख्य शाखा में करीब दो दशक पहले हुए 1.25 करोड़ रुपए के बहुचर्चित घोटाले में सीबीआई ने लगभग 20 वर्षों से फरार चल रहे दो आरोपियों को अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तार किया है।
सीबीआई के अधिकारियों के अनुसार, बृजभूषण प्रसाद को महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के कोपरगांव से तथा करतार सिंह को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपी वर्ष 2005 से फरार थे और लंबे समय तक जांच एजेंसियों की पकड़ से बाहर रहे।
जांच एजेंसी के मुताबिक, एसबीआई की बैंक मोड़ शाखा में नवंबर 2002 से जून 2005 के बीच करीब 1.25 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी और गबन का मामला सामने आया था। इस संबंध में 31 अगस्त 2005 को सीबीआई ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी। मामले में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था। जांच के दौरान दोनों आरोपी फरार हो गए थे।
सीबीआई का दावा है कि कार्रवाई तेज होने के बाद वे नेपाल भाग गए और कई वर्षों तक वहीं छिपे रहे। बाद में भारत लौटकर उन्होंने अपनी पहचान बदल ली और अलग-अलग राज्यों में रहकर गिरफ्तारी से बचने की कोशिश करते रहे।
सीबीआई सूत्रों के अनुसार, दोनों आरोपियों को अदालत पहले ही घोषित अपराधी करार दे चुकी थी। उनकी गिरफ्तारी के लिए रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था और नकद इनाम की भी घोषणा की गई थी। पिछले कुछ महीनों से सीबीआई एसीबी धनबाद की टीम मानव स्रोतों और तकनीकी निगरानी के जरिए दोनों की गतिविधियों पर नजर रख रही थी।
इसी के आधार पर समन्वित अभियान चलाकर उन्हें गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में से एक को धनबाद की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। दूसरे आरोपी को भी धनबाद लाया जा रहा है।
अदालत में पेशी के बाद उसे भी न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की संभावना है। सीबीआई अब मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और शेष पहलुओं की जांच में जुटी है।