रांची, 2 जुलाई (आईएएनएस)। झारखंड में विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए।
उन्होंने गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। पिछले दिनों जमशेदपुर में करणी सेना के नेता की पुलिस के सामने ही हत्या कर दी गई। इसके बाद हुई कार्रवाई सिर्फ खानापूर्ति है। इसके बाद एसपी को हटा दिया गया। मैं समझता हूं कि एसपी को हटाना कोई सजा नहीं है। कायदे से पुलिसवाले के ऊपर एफआईआर होनी चाहिए। अगर पुलिस के सामने अगर किसी की भी हत्या होती है तो उसके लिए पुलिस जिम्मेदार है, लेकिन जहां तक मेरी जानकारी है कि अब तक पुलिसवाले के ऊपर कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है। इसके विपरीत उन लोगों के ऊपर एफआईआर हुई है, जिनके होटल से लोग खाना खाकर निकले थे।
उनके मुताबिक, अगर कोई मेरे घर से खाना खाकर बाहर निकलता है, उसके बाद सड़क पर पुलिस के सामने किसी की हत्या होती है, तो उस होटल के मालिक को कैसे जिम्मेदार ठहरा सकते हैं? अगर आज यह कानून-व्यवस्था बिगड़ी है, तो उसके लिए कोई और नहीं, बल्कि राज्य के सीएम हेमंत सोरेन जिम्मेदार हैं। आजकल आए दिन यह चर्चा है कि उनकी सुरक्षा में कोई एएसआई अजय है, जिस पर वसूली करने का आरोप है।
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि जहां तक मुझे जानकारी मिली है, सभी विभागों के अधिकारी उनके सामने लाचार और बेबस बने हुए हैं। थानों में किस दरोगा को ट्रांसफर करना है, उसका फैसला भी उन्हीं की ओर से लिया जाता है और किसी की हिम्मत नहीं होती है कि वे कुछ भी बोल सकें।
उन्होंने कहा कि जहां पर इस तरह से शासन और प्रशासन चलता हो, एक एएसआई की ऐसी स्थिति बनी हुई है, तो आप अंदाजा लगा सकते हैं कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति कैसी होगी, इसलिए मैं फिर कहूंगा कि जमशेदपुर में जो हत्या हुई है, उसके लिए पुलिस प्रशासन जिम्मेदार है। पुलिस प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
--आईएएनएस
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