झारखंडः प्रसूता और नवजात की मौत के बाद अस्पताल में तोड़फोड़, विरोध में हड़ताल पर डॉक्टर

झारखंडः प्रसूता और नवजात की मौत के बाद अस्पताल में तोड़फोड़, विरोध में हड़ताल पर डॉक्टर

जामताड़ा, 17 जुलाई (आईएएनएस)। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के गृह क्षेत्र में एक प्रसूता और उसके नवजात की इलाज में कथित लापरवाही से मौत की घटना के बाद भारी बवाल खड़ा हो गया है।

इस घटना को लेकर गुरुवार शाम को आक्रोशित स्थानीय लोगों ने सदर अस्पताल परिसर में जमकर तोड़फोड़ की थी और घंटों सड़क जाम किया था। अब इस घटना के विरोध में जिले के डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने शुक्रवार से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है।

इस बीच, अस्पताल प्रशासन की शिकायत पर तोड़फोड़ के मामले में भाजपा जिलाध्यक्ष समेत आठ लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। एफआईआर में भाजपा जिलाध्यक्ष सुमित शरण, जिला महामंत्री कमलेश मंडल, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष कुणाल सिंह, नगर अध्यक्ष प्रदीप रावत, आकाश साव, टिंकू साव, राज सोनकर और वार्ड पार्षद बच्चू साव को नामजद किया गया है। कई अज्ञात लोगों को भी अभियुक्त बनाया गया है।

यह घटनाक्रम गुरुवार को 22 वर्षीय रीना देवी और उसके नवजात की मौत के बाद शुरू हुआ। रीना देवी जामताड़ा शहर के सरकारबांध (महुलडंगाल) इलाके की रहने वाली थीं। परिजनों का आरोप है कि प्रसव पीड़ा होने पर उन्हें सदर अस्पताल लाया गया था, जहां इलाज में लापरवाही बरती गई। उनका यह भी आरोप है कि मरीज को रेफर किए जाने के बाद समय पर सरकारी एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई।

इसके बाद निजी वाहन से दूसरे अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मां और नवजात दोनों की मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने सदर अस्पताल परिसर में प्रदर्शन किया। इस दौरान अस्पताल में तोड़फोड़ की गई और मुख्य सड़क को जाम कर दिया गया, जिससे कई घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। बाद में जिला प्रशासन और परिजनों के बीच वार्ता हुई। प्रशासन ने मृतका के पति को संविदा के आधार पर सरकारी नौकरी देने, आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा ड्यूटी पर तैनात संबंधित एएनएम को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आश्वासन दिया। पूरे मामले की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन भी किया गया है।

अस्पताल में हुई हिंसा के विरोध में झारखंड मेडिकल एसोसिएशन और चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के आह्वान पर डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने शुक्रवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। हड़ताल के कारण सदर अस्पताल की ओपीडी सेवाएं प्रभावित रहीं, हालांकि आपातकालीन सेवाएं जारी रखी गई हैं।

इस बीच, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने अस्पताल में तोड़फोड़ की घटना की निंदा करते हुए कहा कि चिकित्सा संस्थानों में हिंसा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने जिला प्रशासन को आरोपियों के खिलाफ त्वरित और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

उधर, भाजपा ने घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है। पार्टी का कहना है कि समिति घटनास्थल का दौरा कर अपनी रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को सौंपेगी। प्रशासन का कहना है कि प्रसूता और नवजात की मौत के कारणों तथा अस्पताल में हुई हिंसा, दोनों मामलों की अलग-अलग जांच की जा रही है।

--आईएएनएस

एसएनसी/डीएससी