रांची, 28 जुलाई (आईएएनएस)। झारखंड सरकार परिवहन क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए ड्राइविंग प्रशिक्षण और लाइसेंस प्रक्रिया को अधिक सरल और सुलभ बनाने की दिशा में कदम उठाएगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को परिवहन विभाग और टाटा मोटर्स लिमिटेड के बीच जमशेदपुर में इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च (आईडीटीआर) की स्थापना के लिए समझौता एमओयू पर हस्ताक्षर के मौके पर यह घोषणा की।
झारखंड मंत्रालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं और पुरुषों को समान अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि महिलाओं के लिए ड्राइविंग प्रशिक्षण, लर्निंग लाइसेंस और ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया को अधिक सरल, सुलभ और पारदर्शी बनाया जाए, ताकि वे परिवहन क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर हासिल कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।
उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पलामू, सरायकेला-खरसावां, और धनबाद सहित विभिन्न जिलों के लाभार्थियों से बातचीत कर ड्राइविंग और लर्निंग लाइसेंस की प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने आवेदन से लेकर लाइसेंस मिलने तक की प्रक्रिया में आने वाली कठिनाइयों के बारे में जानकारी हासिल की और अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी आवेदक को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने सभी जिलों के उपायुक्तों को लंबित ड्राइविंग और लर्निंग लाइसेंस आवेदनों की समीक्षा कर उनका समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से निपटारा सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि जमशेदपुर में स्थापित होने वाला आईडीटीआर राज्य के परिवहन क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण संस्थान साबित होगा। यहां आधुनिक तकनीक और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप ड्राइविंग प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ेगी, प्रशिक्षित चालकों की संख्या में इजाफा होगा और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने में भी मदद मिलेगी।
सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार सड़क सुरक्षा, कौशल विकास और रोजगार सृजन को प्राथमिकता देते हुए परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। टाटा मोटर्स के सहयोग से स्थापित होने वाला यह संस्थान परिवहन क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रशिक्षण का केंद्र बनेगा और अनुसंधान तथा नवाचार को भी बढ़ावा देगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मंगलवार को राज्य में 10 हजार से अधिक लोगों को ड्राइविंग और लर्निंग लाइसेंस उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने परिवहन विभाग को निर्देश दिया कि हेवी व्हीकल ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया भी अधिक सरल और पारदर्शी बनाई जाए, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को कौशल विकास के माध्यम से रोजगार के अवसर मिल सकें।
समारोह में परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, परिवहन विभाग के सचिव राजीव रंजन, परिवहन आयुक्त संजीव कुमार बेसरा तथा टाटा मोटर्स के प्लांट हेड अनुराग छारिया सहित विभाग और कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।