रांची, 14 जून (आईएएनएस)। झारखंड के गढ़वा जिले मे एक नदी के अस्तित्व को बचाने के लिए अब अधिकारी और जनता ने जुड़ कर 'आपन सरस्वतीया' नाम से अभियान शुरू किया है।
गढ़वा सदर एसडीएम संजय कुमार की पहल पर सामूहिक सहयोग से प्रारंभ किए गए 'आपन सरस्वतिया' अभियान के लगभग एक हफ्ते से सरस्वतिया नदी के विभिन्न क्षेत्रों में सफाई एवं डी-सिल्टिंग का कार्य जारी है। पिछले एक हफ्ते से जेसीबी की मदद से नदी की सफाई कराई जा रही है। झारखंड की राजधानी रांची में नालों की सफाई के लिए सरकारी फंड का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन गढ़वा शहर की सरस्वतीया नदी सामाजिक सहयोगकर्ताओं के सहयोग से लगभग 14 किलोमीटर की इस नदी में सफाई अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का नाम दिया गया है 'आपन सरस्वतीया'। इस नाम देने के पीछे मूल भावना यही है कि गढ़वा शहर के प्रत्येक नागरिक को यह अनुभूति हो कि यह नदी हमारी अपनी धरोहर है तथा इसे बचाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
अगर बात की जाए इस नदी की, तो इसका कई सांस्कृतिक इतिहास रहा है। एक हफ्ते पूर्व यह नदी कूड़ा-कचरा से भरा हुआ था, लेकिन आज इसे जनसहयोग से इस नदी को मूर्त रूप देने का प्रयास किया जा रहा है। एसडीएम संजय कुमार ने बताया कि जनसहयोग मिलता रहा तो सरस्वतिया नदी की पूर्ण सफाई तक यह अभियान निरंतर जारी रहेगा, और सरस्वतिया नदी में जानबूझकर कचरा डालने, मिट्टी डालकर नदी का भराव करने, या बिल्डिंग मटेरियल डालने वाले लोगों पर न केवल दंड अधिरोपित किया जाएगा, बल्कि उक्त कचरा हटवाने का व्यय भी उन्हीं से लिया जाएगा। इस हेतु नगर परिषद को भी जगह-जगह चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
इधर, उपायुक्त गढ़वा पशुपति नाथ मिश्रा ने कहा कि नदियां राज्य की धरोहर हैं, और इसे बचाए रखना सबों की जिम्मेवारी है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सफाई का कार्य चल रहा है; दस दिनों में यह कार्य हो भी जाएगा, लेकिन इसे साफ रखना सबों की जिम्मेदारी है, और जो भी नदी में अतिक्रमण करने का प्रयास करेगा, उनके ऊपर कार्रवाई की जाएगी।
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