रांची/पटना, 7 अगस्त (आईएएनएस)। जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों के आंदोलन को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के समर्थन देने के बाद राजनीति तेज हो गई है। भाजपा और जदयू ने कांग्रेस पर सुविधा की राजनीति करने का आरोप लगाया है।
बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा, "झारखंड में छात्र बिना किसी राजनीतिक दल के समर्थन के लगातार भूख हड़ताल और प्रदर्शन कर रहे हैं और उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। अब तक सरकार ने उनकी चिंताओं पर ध्यान नहीं दिया है। राज्य सरकार को उनकी पीड़ा को स्वीकार करना चाहिए और उचित कार्रवाई करनी चाहिए।"
भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने आईएएनएस से कहा, "राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी एक्सपोज हो गई है। ये सुविधा की राजनीति करते हैं। छात्रों और आंदोलन के प्रति इनका रवैया इस बात पर निर्भर करता है कि मामला किस राज्य का है।"
उन्होंने कहा, "झारखंड के छात्र 12-13 दिनों से कह रहे थे कि राहुल गांधी आप कब आओगे, लेकिन राहुल गांधी पर कोई असर नहीं हो रहा था। 13 दिनों के बाद उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी किया।"
प्रतुल शाहदेव ने सवाल उठाया, "राहुल गांधी की वर्चुअल सहानुभूति बच्चों को नहीं चाहिए। बच्चे चाहते हैं कि आप जमीन पर आकर उनका समर्थन करें क्योंकि यहां आपकी सरकार है। क्या ये आपके बच्चे नहीं हैं? कांग्रेस पूरी तरह से एक्सपोज हो गई है।"
पटना में बिहार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा, "उन्हें झारखंड इतनी जल्दी याद आ गया। उनके वहां 4 मंत्री हैं, लेकिन क्या उनमें से कोई भी झारखंड में छात्रों से मिलने गया? अगर वे इस मुद्दे को लेकर थोड़े भी गंभीर होते तो झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर दबाव बनाते कि सीबीआई जांच का आदेश दिलाएं।"
उन्होंने कहा, "पीएम मोदी छात्र हित की बात करते हैं लेकिन राहुल गांधी केवल राजनीतिक रोटियां सेंकने का काम करते हैं।"
जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा, "पहला सवाल यही है कि ये लोग 14वें दिन गहरी नींद से क्यों जागे हैं। आंदोलनकारी लगातार शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रख रहे हैं। मैदान की तस्वीरें बता रही हैं कि वे लगातार एक ही बात कह रहे हैं कि यहां मेरिट और योग्यता के आधार पर किसी को नौकरी नहीं मिलती, इसके लिए मोटी कीमत चुकानी पड़ती है।"
उन्होंने कहा, "अगर ये मामला सीएम हेमंत सोरेन को सुलझाना होता तो उनके पास पर्याप्त समय था लेकिन उन्होंने उलझाने के लिए एक उपसमिति बना दी। छात्र किसी भी सूरत में तैयार नहीं थे। वे सीधे तौर पर हेमंत सोरेन से बात करना चाहते थे। अब राहुल गांधी और हेमंत सोरेन की नींद टूटी है क्योंकि इन्हें पता है आने वाले समय में युवाओं का गुस्सा इन दोनों पर कितना भारी पड़ेगा।"
जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थी लंबे समय से नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता और गड़बड़ियों की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं।
--आईएएनएस
वीकेयू/वीसी






