जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन में 2,873 आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोग पहुंचे: दिल्ली पुलिस

जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन में 2,873 आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोग पहुंचे: दिल्ली पुलिस

नई दिल्ली, 27 जुलाई (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस के एक सूत्र ने सोमवार को बताया कि 20 से 25 जुलाई के बीच जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन स्थल पर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले 2,873 लोग मौजूद थे।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि इन अपराधियों की पहचान चेहरे की पहचान प्रणाली (एफआरएस) और तकनीकी साधनों के माध्यम से की गई।

अधिकारी ने बताया कि पहचाने गए अधिकांश व्यक्ति उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सीलमपुर, चांद बाग, जाफराबाद और दक्षिण-पूर्वी दिल्ली की कुछ कॉलोनियों जैसे जामिया नगर, शाहीन बाग और ओखला में एफआरएस कैमरों में देखे गए।

उन्होंने बताया कि पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या ये लोग 20 जुलाई को जंतर-मंतर और नई दिल्ली के अन्य इलाकों में हुई हिंसा में शामिल थे।

उन्होंने बताया कि ये अपराधी यौन उत्पीड़न, हत्या, नाबालिगों से जुड़े अपराध (पीओएससीओ), अपहरण और डकैती जैसे जघन्य अपराधों में शामिल हैं।

अधिकारी ने बताया कि इनमें से कुछ कथित अपराधी बार-बार कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध स्थल पर लौट आए। इन अपराधियों के खिलाफ गंभीर अपराध दर्ज हैं।

अधिकारी ने बताया कि आपराधिक रिकॉर्ड वाले 2,873 प्रदर्शनकारियों में से कम से कम 989 'प्रदर्शनकारियों' के जघन्य अपराधों में शामिल होने का संदेह है।

दिल्ली पुलिस की एफआरएस एक अत्याधुनिक प्रणाली है, जिसके हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे जंतर-मंतर प्रदर्शन स्थल के प्रवेश और निकास बिंदुओं के साथ-साथ पूरे शहर में, सीमा प्रवेश बिंदुओं सहित, स्थापित किए गए हैं।

अधिकारी ने बताया कि इन कैमरों को असामाजिक तत्वों की निगरानी और उन्हें प्रदर्शनकारी छात्रों के वेश में अशांति फैलाने से रोकने के उद्देश्य से स्थापित किया गया था।

एफआरएस कैमरों द्वारा ली गई तस्वीरें दिल्ली पुलिस के डेटाबेस में भेजी जाती हैं, जिसमें विभिन्न पुलिस स्टेशनों द्वारा दर्ज किए गए रिकॉर्ड के आधार पर अपराधियों, भगोड़ों, आपराधिक रिकॉर्ड वाले व्यक्तियों और कुख्यात अपराधियों (बीसी) का रिकॉर्ड होता है।

--आईएएनएस

एमएस/